बिलासपुर। नीट यूजी 2026 के परीक्षा परिणाम और प्रवेश प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थियों में बढ़ते मानसिक तनाव को देखते हुए छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर ने महत्वपूर्ण पहल की है। विद्यार्थियों को मानसिक रूप से सशक्त और तनावमुक्त रखने के लिए सिम्स द्वारा 24×7 मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन सेवा शुरू की गई है। इस हेल्पलाइन के माध्यम से अभ्यर्थी विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श प्राप्त कर सकेंगे।
चिकित्सा शिक्षा आयुक्त, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार सिम्स के मनोरोग विभाग द्वारा यह विशेष सुविधा शुरू की गई है। संस्थान की ओर से जारी आदेश के अनुसार मोबाइल नंबर 9425502353 को 18 जून 2026 से आगामी दो सप्ताह तक हेल्पलाइन नंबर के रूप में संचालित किया जाएगा।
परीक्षा परिणाम और काउंसिलिंग को लेकर मिलेगी विशेषज्ञ सलाह
सिम्स प्रशासन के अनुसार हेल्पलाइन के माध्यम से विद्यार्थियों को परीक्षा परिणाम, काउंसिलिंग प्रक्रिया, मेडिकल कॉलेज में प्रवेश, करियर संबंधी चिंता, तनाव, घबराहट और अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
विशेषज्ञ डॉक्टर विद्यार्थियों की समस्याओं को सुनकर उन्हें सकारात्मक परामर्श देंगे, जिससे वे मानसिक दबाव से बाहर निकल सकें और आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य की दिशा तय कर सकें।
मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण : डॉ. रमणेश मूर्ति
सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि विद्यार्थियों का मानसिक स्वास्थ्य उनके शैक्षणिक प्रदर्शन जितना ही महत्वपूर्ण है। नीट जैसी प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं के दौरान कई विद्यार्थी अत्यधिक दबाव महसूस करते हैं, जिससे तनाव और चिंता की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में सही मार्गदर्शन और सकारात्मक संवाद विद्यार्थियों को मानसिक रूप से मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने अभ्यर्थियों और अभिभावकों से आवश्यकता पड़ने पर हेल्पलाइन सेवा का लाभ उठाने की अपील की।
तनाव और असफलता के भय से निपटने में मिलेगी मदद
मनोरोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सुजीत नायक ने बताया कि परीक्षा परिणाम या प्रवेश प्रक्रिया के दौरान तनाव, चिंता, निराशा और असफलता का डर महसूस करना सामान्य बात है। लेकिन यदि समय रहते उचित परामर्श मिल जाए तो इन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन का उद्देश्य विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच विकसित करना, उनका आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें मानसिक रूप से स्वस्थ बनाए रखना है।
सिम्स की यह पहल उन विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है, जो नीट यूजी 2026 के परिणाम और काउंसिलिंग प्रक्रिया को लेकर मानसिक दबाव का सामना कर रहे हैं।
