रायपुर ।
स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया की अध्यक्षता में नवा रायपुर स्थित स्वास्थ्य भवन में प्रदेश के शासकीय मेडिकल कॉलेजों, संबद्ध अस्पतालों और सुपरस्पेशियलिटी अस्पतालों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, भर्ती प्रक्रियाओं और अधोसंरचना विकास से जुड़े विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई।
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बैठक के पहले दिन रायपुर, बिलासपुर और जगदलपुर के सुपरस्पेशियलिटी अस्पतालों सहित सभी शासकीय मेडिकल कॉलेजों के डीन और अधीक्षकों ने अपने संस्थानों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस दौरान ओपीडी-आईपीडी सेवाओं, पैथोलॉजी, डायलिसिस, एक्स-रे, सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी सुविधाओं की उपलब्धता और कार्यशीलता की समीक्षा की गई।

स्वास्थ्य सचिव ने निर्देश दिए कि अस्पतालों में उपलब्ध मशीनें हमेशा सुचारू रूप से संचालित रहें ताकि मरीजों को निजी संस्थानों का रुख न करना पड़े। साथ ही आयुष्मान भारत योजना और ABHA ID के क्रियान्वयन को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। डॉक्टरों और कर्मचारियों की शत-प्रतिशत बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में अस्पतालों की अग्नि सुरक्षा (फायर सेफ्टी), पावर ऑडिट, ऑक्सीजन प्लांट की कार्यशीलता और जीवन रक्षक उपकरणों की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। स्वास्थ्य सचिव ने सभी लंबित निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करने तथा नए चिकित्सा महाविद्यालयों में आवश्यक अधोसंरचना और मानव संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
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इसके अलावा नवीन मेडिकल कॉलेजों, नर्सिंग कॉलेजों और फिजियोथैरेपी संस्थानों में चल रही भर्ती प्रक्रियाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा गया कि रिक्त पदों को जल्द भरकर नए शिक्षण सत्र की तैयारियां समय पर पूरी की जाएं, ताकि विद्यार्थियों और मरीजों दोनों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
