सरगुजा|
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण विकास और किसानों की आर्थिक मजबूती के लिए संचालित महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) ग्रामीण क्षेत्रों में बदलाव की नई कहानी लिख रही है। योजना के तहत निर्मित “आजीविका डबरियां” जल संरक्षण के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने, भू-जल स्तर सुधारने और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
सरगुजा जिले के ग्राम अडची निवासी किसान देवानंद इस योजना की सफलता का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आए हैं। मनरेगा के तहत उनके खेत में बनाई गई एक डबरी ने न केवल खेती को नई मजबूती दी, बल्कि अतिरिक्त आय के नए रास्ते भी खोल दिए हैं।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण विकास और किसानों की आर्थिक मजबूती के लिए संचालित महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) ग्रामीण क्षेत्रों में बदलाव की नई कहानी लिख रही है। योजना के तहत निर्मित “आजीविका डबरियां” जल संरक्षण के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने, भू-जल स्तर सुधारने और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
सरगुजा जिले के ग्राम अडची निवासी किसान देवानंद इस योजना की सफलता का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आए हैं। मनरेगा के तहत उनके खेत में बनाई गई एक डबरी ने न केवल खेती को नई मजबूती दी, बल्कि अतिरिक्त आय के नए रास्ते भी खोल दिए हैं।
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देवानंद ने डबरी का उपयोग केवल सिंचाई तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसमें मछली पालन भी शुरू किया है। उन्हें उम्मीद है कि आगामी छह महीनों में पहली मछली फसल से 15 से 20 हजार रुपये तक की अतिरिक्त आय प्राप्त होगी।
इस प्रकार एक ही परिसंपत्ति से खेती, सिंचाई और मत्स्य पालन जैसी कई गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति लगातार मजबूत हो रही है।
जल संरक्षण और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से सरगुजा जिले में आजीविका डबरी निर्माण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जिले में अब तक 487 डबरियां स्वीकृत की जा चुकी हैं, जिनमें से 422 का निर्माण पूर्ण हो चुका है।
