बारनवापारा अभयारण्य में काले हिरणों की वापसी, 34 ब्लैकबक को प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया

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भाटापारा-राजकुमार यदु

छत्तीसगढ़ के Barnawapara Wildlife Sanctuary में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अभयारण्य स्थित ब्लैकबक कंजर्वेशन सेंटर से कुल 34 काले हिरणों (ब्लैकबक) को वैज्ञानिक पद्धति से दो चरणों में उनके प्राकृतिक आवास में सफलतापूर्वक छोड़ा गया।

वन विभाग द्वारा यह पूरी प्रक्रिया वैज्ञानिक तकनीकों और निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत संपन्न की गई, जिससे बिना किसी व्यवधान के हिरणों को सुरक्षित रूप से वन क्षेत्र में मुक्त किया जा सका। मुक्त किए गए ये काले हिरण रामपुर ग्रासलैंड क्षेत्र में पहले से मौजूद समूह के साथ जाकर मिल गए हैं।

अधिकारियों के अनुसार, इस नए समूह के जुड़ने से क्षेत्र के पारिस्थितिकी तंत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा। साथ ही वन विभाग द्वारा इन हिरणों की निरंतर निगरानी भी की जाएगी, ताकि उनका संरक्षण और विकास सुनिश्चित किया जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि काले हिरण, जो एक समय छत्तीसगढ़ से लगभग विलुप्त हो चुके थे, अब इस तरह के पुनर्स्थापन प्रयासों के जरिए अपने प्राकृतिक आवास में फिर से सक्रिय होते नजर आएंगे। यह पहल न केवल जैव विविधता संरक्षण के लिए अहम है, बल्कि पर्यावरण संतुलन को भी मजबूती प्रदान करेगी।

उल्लेखनीय है कि इस संरक्षण अभियान को प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण पांडे के मार्गदर्शन, मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) सतोविशा समझदार के नेतृत्व और वनमंडलाधिकारी धम्मशील गणवीर के प्रयासों से सफलतापूर्वक अंजाम दिया जा रहा है।

इस दौरान अधीक्षक बारनवापारा कृषाणु चंद्राकर, परिक्षेत्र अधिकारी कविता ठाकुर, सूर्यप्रकाश जाधव, सहायक परिक्षेत्र अधिकारी गीतेश बंजारे, फील्ड बायोलॉजिस्ट सौरव मेहरा, पशु चिकित्सक जयकिशोर जड़िया सहित वन विभाग का पूरा अमला उपस्थित रहा।

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