रायपुर, 5 अक्टूबर 2026
जशपुर जिले में आदिवासी विद्यार्थियों के लिए आवासीय और शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जिले में 24 पोस्ट मैट्रिक और प्री-मैट्रिक अनुसूचित जनजाति छात्रावास भवनों के निर्माण के लिए कुल 77 करोड़ 86 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। नए भवन बनने से दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों से पढ़ाई के लिए आने वाले विद्यार्थियों को सुरक्षित आवास और बेहतर अध्ययन वातावरण उपलब्ध होगा।
स्वीकृत कार्यों में अनुसूचित जनजाति बालक और कन्या छात्रावासों के भवन शामिल हैं। इनका निर्माण जिले के विभिन्न विकासखंडों में किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को रहने, पढ़ाई करने और दैनिक जरूरतों से जुड़ी सुविधाएं अपने शैक्षणिक संस्थानों के आसपास मिल सकेंगी।
जशपुर में पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास के लिए 1 करोड़ 92 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। लोदाम और पैकू में प्री-मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास के लिए 1 करोड़ 53 लाख रुपये प्रत्येक, जबकि मनोरा और बगीचा में पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास के लिए 1 करोड़ 92 लाख रुपये प्रत्येक की स्वीकृति मिली है। रौनी में प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास के लिए 1 करोड़ 53 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

पतराटोली में पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास और दुलदुला में पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास के लिए 1 करोड़ 92 लाख रुपये प्रत्येक मंजूर किए गए हैं। दुलदुला और कुनकुरी क्रमांक-2 में प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास के लिए 1 करोड़ 53 लाख रुपये प्रत्येक स्वीकृत किए गए हैं।
पंडरीपानी और तपकरा में पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास के लिए 1 करोड़ 92 लाख रुपये प्रत्येक की स्वीकृति दी गई है। लवाकेरा, पंडरीपानी और दोकड़ा में प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास के लिए 1 करोड़ 53 लाख रुपये प्रत्येक तथा दोकड़ा में पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास के लिए 1 करोड़ 92 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।
कांसाबेल में पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास के लिए 2 करोड़ 89 लाख रुपये और प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास के लिए 1 करोड़ 53 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। बटईकेला में प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास के लिए 1 करोड़ 53 लाख रुपये तथा कोतबा में पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास के लिए 1 करोड़ 92 लाख और प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास के लिए 1 करोड़ 53 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।
बागबहार और गाला में प्री-मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास के लिए भी 1 करोड़ 53 लाख रुपये प्रत्येक मंजूर किए गए हैं। इन निर्माण कार्यों से जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में छात्रावास अधोसंरचना का विस्तार होगा।
दूरस्थ गांवों से माध्यमिक और उच्च शिक्षा के लिए आने वाले आदिवासी विद्यार्थियों के लिए नए छात्रावास महत्वपूर्ण सुविधा साबित होंगे। शैक्षणिक संस्थानों के नजदीक सुरक्षित आवास मिलने से विद्यार्थियों को आवागमन की परेशानी से राहत के साथ पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण भी मिलेगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जशपुर में शिक्षा से जुड़ी अधोसंरचना को मजबूत करने और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। 24 नए छात्रावास भवनों की स्वीकृति से आदिवासी विद्यार्थियों के लिए आवासीय सुविधाओं का विस्तार होने के साथ शिक्षा तक उनकी पहुंच को और आसान बनाने की दिशा में कदम आगे बढ़ा है।
