महासमुन्द, 3 अक्टूबर 2026
महासमुन्द जिले के सरायपाली विकासखंड के ग्राम रूढ़ा की सुबलाया चौहान के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना गर्भावस्था के दौरान आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी सहयोग का आधार बनी। योजना के तहत मिली 3 हजार रुपये की पहली किस्त का उपयोग उन्होंने पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में किया। नियमित स्वास्थ्य जांच, पौष्टिक आहार और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के मार्गदर्शन से गर्भावस्था के दौरान उनके स्वास्थ्य में सुधार हुआ।
गर्भवती होने के बाद सुबलाया स्वास्थ्य जांच के लिए आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचीं। टीकाकरण दिवस के दौरान हुई जांच में उनका हीमोग्लोबिन स्तर काफी कम पाया गया और उन्हें एनीमिया की स्थिति का सामना करना पड़ा। इसके बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती उषा भोई ने गृह भेंट के दौरान उन्हें और उनके परिवार को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की जानकारी दी और इसके तहत मिलने वाले लाभों के बारे में बताया।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मदद से सुबलाया का आवेदन तैयार कर ऑनलाइन दर्ज किया गया। करीब एक महीने के भीतर योजना की पहली किस्त के रूप में 3 हजार रुपये उनके बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से पहुंच गए। सुबलाया ने इस राशि से अपने और गर्भस्थ शिशु के लिए आवश्यक पोषण सामग्री खरीदी और नियमित रूप से पौष्टिक आहार लेना शुरू किया।
इसके साथ ही उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के मार्गदर्शन में नियमित एएनसी जांच कराई और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया। लगातार देखभाल और पोषण का असर उनकी स्वास्थ्य स्थिति में भी दिखाई दिया। गर्भावस्था के अंतिम चरण तक उनका हीमोग्लोबिन स्तर 8 ग्राम से बढ़कर 11 ग्राम हो गया।
इसके बाद सुबलाया ने सुरक्षित प्रसव के दौरान 3.5 किलोग्राम वजन के स्वस्थ बालक को जन्म दिया। प्रसव के बाद मां और नवजात दोनों स्वस्थ रहे। सुबलाया का कहना है कि योजना से मिली आर्थिक सहायता और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के निरंतर मार्गदर्शन ने गर्भावस्था के दौरान उन्हें काफी सहयोग दिया।
सुबलाया चौहान ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से मिले सहयोग के लिए केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका अनुभव बताता है कि समय पर मिलने वाली आर्थिक सहायता के साथ नियमित स्वास्थ्य जांच, पोषण और परामर्श गर्भवती महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण सहारा बन सकते हैं।
