सरस्वती शिशु मंदिर के विकास के लिए 50 लाख रुपये की घोषणा, शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति पर दिया जोर
रायपुर, 25 सितंबर 2026
राजधानी रायपुर के रोहिणीपुरम स्थित सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित सामूहिक गायन कार्यक्रम में राष्ट्रभक्ति का माहौल देखने को मिला। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विद्यार्थियों, आचार्यों और नागरिकों के साथ ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया। एक साथ गूंजे राष्ट्रगीत के स्वर से विद्यालय परिसर राष्ट्रीय चेतना और गौरव की भावना से भर उठा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विद्यालय के विकास के लिए 50 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा भी की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ मां भारती की वंदना और राष्ट्रीय चेतना का सशक्त स्वर है। स्वतंत्रता संग्राम के दौर में इस गीत ने देशवासियों में स्वाधीनता की भावना जगाने और स्वतंत्रता सेनानियों को मातृभूमि के लिए समर्पण की प्रेरणा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि इसके 150 वर्ष पूर्ण होने का अवसर देश के स्वतंत्रता संघर्ष, बलिदान और गौरवशाली इतिहास को याद करने के साथ नई पीढ़ी को अपने राष्ट्रीय कर्तव्यों से परिचित कराने का भी अवसर है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि विद्या भारती के आह्वान पर देशभर में 25 हजार से अधिक स्थानों पर एक करोड़ से अधिक विद्यार्थी और नागरिक सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इतने बड़े स्तर पर एक साथ होने वाला यह आयोजन राष्ट्रीय एकता और चेतना की सामूहिक अभिव्यक्ति है। छत्तीसगढ़ में भी लगभग 1500 स्थानों पर करीब पांच लाख लोगों के इस आयोजन में शामिल होने की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा को राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए कहा कि प्रदेश के हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अपनी प्रतिभा को विकसित करने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि शहरों के साथ बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ अंचलों में रहने वाले विद्यार्थियों तक भी बेहतर शैक्षणिक संसाधन और सुविधाएं पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि दिल्ली स्थित ट्रायबल यूथ हॉस्टल में छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों के लिए सीटों की संख्या बढ़ाकर 200 की गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार, वहां अध्ययनरत छत्तीसगढ़ के 13 विद्यार्थियों ने यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा में सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि उचित अवसर, मार्गदर्शन और संसाधन मिलने पर प्रदेश के युवा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबों का ज्ञान या डिग्री हासिल करना नहीं होना चाहिए। शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, चरित्र और समाज एवं राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित होना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार और संस्कारवान युवा ही मजबूत समाज तथा सशक्त राष्ट्र की आधारशिला बनते हैं।
उन्होंने विद्या भारती के विद्यालयों द्वारा शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, सामाजिक दायित्व और राष्ट्रभक्ति की भावना को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को विषय का ज्ञान देने के साथ उनके व्यक्तित्व और भविष्य को सही दिशा देने में भी योगदान देते हैं।
विद्यार्थियों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे जीवन में बड़ा सपना देखें, अपना लक्ष्य तय करें और उसे हासिल करने के लिए आज से ही पूरी लगन के साथ मेहनत शुरू करें। उन्होंने कहा कि कलेक्टर, एसपी, डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक या किसी भी क्षेत्र में जाने का लक्ष्य हो, उसकी तैयारी समय रहते शुरू करनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, निरंतर मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से अपनी व्यक्तिगत सफलता को समाज और राष्ट्र की प्रगति से जोड़कर देखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जीवन में जो भी जिम्मेदारी मिले, उसे ईमानदारी और निष्ठा के साथ निभाना चाहिए तथा अपने ज्ञान और प्रतिभा का उपयोग समाज एवं देश की सेवा में करना चाहिए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री माणिक लाल साहू ने बताया कि देशभर में 25 हजार स्थानों पर लगभग एक करोड़ लोगों द्वारा सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में भी करीब 1500 स्थानों पर पांच लाख लोगों की सहभागिता का उल्लेख उन्होंने किया।
मां सरस्वती बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री नीलेश अग्रवाल ने ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रीय चेतना, त्याग और गौरव की अभिव्यक्ति बताया। उन्होंने सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्व-बोध और नागरिक कर्तव्य को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि व्यक्ति और समाज के सकारात्मक बदलाव से ही सशक्त राष्ट्र के निर्माण की दिशा मजबूत होती है।
कार्यक्रम में विधायक श्री राजेश मूणत, श्री राजीव लोचन महाराज, श्री मयंक बैस, श्री राघवेंद्र सिंह ठाकुर, श्री अजय कुलश्रेष्ठ सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी, आचार्यगण, विद्यालय परिवार के सदस्य और नागरिक उपस्थित रहे।
क्रमांक-8644
