स्वर्गीय शांताराम की स्मृति में उद्यान का लोकार्पण, ‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत मुख्यमंत्री ने लगाया कल्पवृक्ष का पौधा
रायपुर, 25 सितंबर 2026
मुंगेली जिले के पथरिया विकासखंड स्थित ऐतिहासिक मदकूद्वीप में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने समाजसेवी स्वर्गीय श्री शांताराम को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री वार्षिक श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल हुए और मदकूद्वीप की पुरातात्विक, धार्मिक एवं आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण में स्वर्गीय शांताराम के योगदान को स्मरण किया। इस अवसर पर उन्होंने उनकी स्मृति में निर्मित उद्यान का लोकार्पण भी किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मदकूद्वीप छत्तीसगढ़ की समृद्ध पुरातात्विक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। इस क्षेत्र के ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक महत्व को सामने लाने और इसकी पहचान को व्यापक स्तर पर स्थापित करने में स्वर्गीय श्री शांताराम ने लंबे समय तक निःस्वार्थ भाव से कार्य किया। उनके प्रयासों ने मदकूद्वीप को श्रद्धालुओं के साथ इतिहास, पुरातत्व और संस्कृति में रुचि रखने वाले लोगों तथा शोधकर्ताओं के लिए भी महत्वपूर्ण स्थल के रूप में पहचान दिलाने में योगदान दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी स्थान की पहचान केवल उसकी भौगोलिक सीमा से नहीं होती, बल्कि वहां की संस्कृति, परंपरा, इतिहास और उसे सहेजने वाले लोगों से भी बनती है। स्वर्गीय श्री शांताराम ने मदकूद्वीप की विरासत को संरक्षित करने के साथ समाज के प्रति अपने दायित्वों को भी पूरी निष्ठा से निभाया। उनका सेवाभाव और सांस्कृतिक चेतना आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।
स्वर्गीय श्री शांताराम की सेवाएं केवल मदकूद्वीप तक सीमित नहीं थीं। मुख्यमंत्री ने बताया कि बैतलपुर में शिव मंदिर निर्माण, चिकित्सा सेवाओं के विस्तार और विभिन्न सामाजिक कार्यों में भी उनका उल्लेखनीय योगदान रहा। नवागढ़ स्थित शमी गणेश मंदिर के पुनर्निर्माण में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के लिए किए गए निःस्वार्थ कार्य ही किसी व्यक्ति की सबसे स्थायी विरासत होते हैं।
स्वर्गीय श्री शांताराम की स्मृति में निर्मित उद्यान का लोकार्पण करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्थान उनके सामाजिक और सांस्कृतिक योगदान की स्मृतियों को जीवंत रखने का माध्यम बनेगा। उद्यान लोगों को प्रकृति के करीब लाने के साथ आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश भी देगा कि अपनी सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक सरोकारों के प्रति जिम्मेदारी निभाना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन धरोहरें केवल अतीत की निशानी नहीं हैं, बल्कि समाज की पहचान और भावी पीढ़ियों के लिए अमूल्य संपदा हैं। इनके संरक्षण के लिए शासन के प्रयासों के साथ जनभागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय श्री शांताराम का जीवन इस बात का उदाहरण है कि दृढ़ संकल्प और सेवाभाव के जरिए समाज का कोई भी व्यक्ति अपनी विरासत के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत मदकूद्वीप में कल्पवृक्ष का पौधा भी लगाया। उन्होंने कहा कि वृक्ष प्रकृति और जीवन का आधार हैं तथा पौधरोपण को संरक्षण से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल का संकल्प लेने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान मां के प्रति प्रेम और कृतज्ञता की भावना को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का माध्यम है। लगाए गए पौधों की देखभाल कर उन्हें वृक्ष के रूप में विकसित करना ही वास्तविक पर्यावरण संरक्षण है। उन्होंने कहा कि प्रकृति की रक्षा वर्तमान के साथ आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए भी आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने मदकूद्वीप जैसे प्राकृतिक, पुरातात्विक और आध्यात्मिक महत्व वाले स्थलों के संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि प्रकृति और संस्कृति दोनों के संरक्षण के प्रयास साथ-साथ आगे बढ़ेंगे, तभी प्रदेश की समृद्ध विरासत को भावी पीढ़ियों तक सुरक्षित रूप से पहुंचाया जा सकेगा।
इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, मंत्री श्री दयाल दास बघेल एवं श्री लखन लाल देवांगन, विधायक श्री धरमलाल कौशिक, श्री अमर अग्रवाल, श्री सुशांत शुक्ला एवं श्री पुन्नू लाल मोहले सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
8681/दानेश्वरी
