कोरिया, 22 सितंबर 2026
कोरिया जिले के ग्राम अमहर निवासी अमृत लाल कुशवाहा के परिवार के लिए 288 वर्ग मीटर जमीन का पट्टा मिलना लंबे इंतजार के बाद अधिकार की औपचारिक पहचान मिलने जैसा है। जिस जमीन पर उनका परिवार एक-दो दशक से नहीं, बल्कि 100 वर्ष से अधिक समय से काबिज है, अब उसी भूमि से जुड़ा विधिवत दस्तावेज उनके पास है। भूस्वामित्व योजना के तहत उनके पिता जगलाल के नाम से भूमि का पट्टा जारी किया गया है।
अमृत लाल कुशवाहा बताते हैं कि उनके पूर्वज लंबे समय से इस जमीन पर रहते और उसका उपयोग करते आए हैं। जमीन परिवार के जीवन और आजीविका का आधार रही, लेकिन पट्टा नहीं होने के कारण भूमि से जुड़े अधिकार का कोई ठोस दस्तावेज उनके पास नहीं था।
भूस्वामित्व योजना के तहत 288 वर्ग मीटर भूमि का पट्टा मिलने के बाद परिवार के पास अब अपने भूमि अधिकार को प्रमाणित करने वाला दस्तावेज उपलब्ध है। अमृत लाल के अनुसार, पहले कई वर्षों से जमीन को लेकर कोई स्पष्ट आधार नहीं था, लेकिन अब पट्टा मिलने से परिवार को संतोष है।
पट्टा मिलने से परिवार को अपनी जमीन के अधिकार को लेकर स्पष्टता भी मिली है। यह दस्तावेज आने वाली पीढ़ियों के लिए भी सुरक्षित रखा जा सकेगा और एक सदी से अधिक पुराने पारिवारिक जुड़ाव को आधिकारिक पहचान मिली है।
अमृत लाल कुशवाहा ने इस अधिकार के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उनके परिवार के लिए यह पट्टा केवल 288 वर्ग मीटर भूमि का दस्तावेज नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही जमीन की पहचान और अधिकार को औपचारिक रूप से दर्ज किए जाने की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
