रायपुर, 08 सितंबर 2026
छत्तीसगढ़ के शहरों में पेयजल, सड़क, स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट और सार्वजनिक परिवहन जैसी नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिए हैं। मंत्रालय महानदी भवन में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि स्वीकृत परियोजनाओं का लाभ तय समय में लोगों तक पहुंचना चाहिए और निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में अमृत मिशन 2.0 की धीमी प्रगति पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने लंबित कार्यों को मिशन मोड में पूरा करने और नगरीय क्षेत्रों में शत-प्रतिशत पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने को प्राथमिकता देने कहा। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण में आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता का ध्यान रखने के साथ स्लम रिडेवलपमेंट और लैंड मोनेटाइजेशन से जुड़े कार्यों को भी योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

शहरों में युवाओं के लिए आधुनिक अध्ययन सुविधाएं विकसित करने के उद्देश्य से बनाए जा रहे नालंदा परिसरों की भी समीक्षा हुई। प्रदेश के 38 नगरीय निकायों में नालंदा परिसर की स्वीकृति दी जा चुकी है, जिनमें 31 का निर्माण फिलहाल प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों की गति बढ़ाकर इन्हें जल्द पूरा करने के निर्देश दिए और रायपुर में बन रहे परिसर की प्रगति की भी जानकारी ली।
शहरी यातायात को बेहतर बनाने के लिए रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में 240 ई-बसें चलाने की तैयारी की जा रही है। योजना के तहत जरूरी अधोसंरचना मार्च 2027 से पहले तैयार करने और इसके बाद ई-बसों का संचालन शुरू करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने संबंधित कार्यों में तेजी लाने को कहा। ई-बसों से सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने के साथ पर्यावरण-अनुकूल यातायात व्यवस्था को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
बैठक में नगरोत्थान योजना के तहत चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। प्रदेश के 14 नगर निगमों में सड़क चौड़ीकरण, बाईपास, फ्लाईओवर, सर्विस लेन और अंडरपास जैसी यातायात सुविधाओं को विकसित किया जा रहा है। वहीं ‘आदर्श शहर समृद्धि योजना’ के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और इसके लिए 32 नगरीय निकायों का चयन किया गया है।
मुख्यमंत्री ने शहरों की सफाई और कचरा प्रबंधन को लेकर भी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने हर नगरीय निकाय में ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रसंस्करण के लिए प्रोसेसिंग प्लांट की दिशा में काम करने को कहा। पेयजल, सफाई और प्रकाश व्यवस्था जैसी रोजमर्रा की सेवाओं की नियमित निगरानी करने पर भी जोर दिया गया।
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में रायपुर के प्रदर्शन की मुख्यमंत्री ने सराहना की। 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में रायपुर ने 189 अंक हासिल कर देश में छठा स्थान प्राप्त किया है। राज्य स्तरीय वार्ड रैंकिंग में रायपुर के वार्ड 46 और वार्ड 30 ने भी अपनी-अपनी आबादी श्रेणियों में स्थान हासिल किया। मुख्यमंत्री ने नगर निगम की टीम को बधाई देते हुए कम हरित क्षेत्र वाले इलाकों की पहचान कर वहां बड़े स्तर पर पौधरोपण और वार्डों में उद्यान विकसित करने के निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 1.0 और 2.0 की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने पात्र हितग्राहियों को आवास आवंटन और व्यवस्थापन की प्रक्रिया तेज करने को कहा। उनका कहना था कि स्वीकृत आवासों का लाभ पात्र परिवारों को जल्द से जल्द मिलना चाहिए।
बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से जुड़ी शिकायतों के निराकरण की भी समीक्षा हुई। अधिकारियों को नागरिकों की शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रॉपर्टी टैक्स के पुनरीक्षण और नगरीय निकायों के बिजली बिलों की स्थिति की जानकारी लेते हुए हर महीने विद्युत देयकों का भुगतान सुनिश्चित करने को कहा गया।
नगरीय निकायों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए राजस्व और कर संग्रह बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने बेहतर कर संग्रह करने वाले निकायों को प्रोत्साहित और सम्मानित करने की व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए।
बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि प्रदेश के 8 नगरीय निकायों में करीब 800 करोड़ रुपये की लागत से कम्प्रेस्ड बायो गैस (CBG) प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। इनका उद्देश्य परिवहन और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए स्वच्छ एवं सतत ईंधन की उपलब्धता बढ़ाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी विकास की योजनाओं का मूल्यांकन केवल कागजों पर नहीं, बल्कि उनके धरातलीय परिणामों से होना चाहिए। उन्होंने सभी स्वीकृत कार्यों की नियमित समीक्षा, निर्माण की गुणवत्ता की निगरानी और निर्धारित समय-सीमा में परियोजनाओं को पूरा करने के निर्देश दिए।
