रायपुर, 08 सितंबर 2026
सहकारिता क्षेत्र में रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया तेज करने के साथ ही किसानों तक कृषि ऋण और बैंकिंग सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने पर सरकार का फोकस है। सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने नवा रायपुर में विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान को-ऑपरेटिव बैंकों के खाली पदों की भर्ती में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने पैक्स के शत-प्रतिशत कंप्यूटराइजेशन और ऑडिट प्रक्रिया को भी जल्द पूरा करने पर जोर दिया।
मंत्री ने कहा कि सहकारिता व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और किसान हितैषी बनाना सरकार की प्राथमिकता है। पैक्स के माध्यम से शासकीय योजनाओं का लाभ प्रदेश के किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति तक सीधे पहुंचाने के लिए व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है।
बैठक में खरीफ सीजन 2026 के लिए कृषि ऋण वितरण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। प्रदेश में सहकारी बैंकों के माध्यम से 8,800 करोड़ रुपये कृषि ऋण बांटने का लक्ष्य रखा गया है। इसके मुकाबले अब तक 16 लाख से अधिक किसानों को 7,973 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया जा चुका है, जो निर्धारित लक्ष्य का करीब 90 प्रतिशत है। मंत्री ने शेष लक्ष्य भी समय पर पूरा करने और किसानों को ब्याज अनुदान, खाद, बीज तथा ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल बैंकिंग को आसान बनाने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर का विस्तार और माइक्रो एटीएम की संख्या बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि आधुनिक बैंकिंग सेवाओं और डिजिटल सुविधाओं से किसानों का सहकारी बैंकों के प्रति भरोसा और मजबूत होगा।
पैक्स के कंप्यूटराइजेशन के साथ ऑडिट प्रक्रिया में तेजी लाने को वित्तीय पारदर्शिता से जोड़ा गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सहकारी संस्थाओं की वित्तीय व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए लंबित प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा किया जाए।
बैठक में गोदाम निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा हुई। आरआईडीएफ के तहत स्वीकृत 725 गोदामों में से 718 का निर्माण पूरा हो चुका है। शेष सात गोदामों का काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा 100 सोसायटियों में गोदाम निर्माण और अन्य स्वीकृत कार्यों की स्थिति की समीक्षा की गई। नवगठित 515 पैक्स को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए भी अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
मंत्री कश्यप ने सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों का समय पर निराकरण करने, न्यायालयीन मामलों में समय पर जवाब प्रस्तुत करने और कार्यालयों में ई-ऑफिस तथा आधार आधारित उपस्थिति व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए। धान उपार्जन केंद्रों में शेष धान के अंतिम निराकरण की प्रक्रिया भी पारदर्शी और शीघ्र पूरी करने को कहा गया।
सहकारिता मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों और सहकारिता से जुड़े नागरिकों तक पहुंचाने में जवाबदेही और पारदर्शिता बनी रहनी चाहिए। उन्होंने विभागीय कामकाज में तकनीक के अधिक इस्तेमाल के साथ योजनाओं के क्रियान्वयन की लगातार निगरानी पर जोर दिया।
बैठक के दौरान मंत्री ने 29 जून से 6 जुलाई 2026 तक प्रदेश में आयोजित सहकारी सप्ताह के विभिन्न कार्यक्रमों पर आधारित कॉफी-टेबल बुकलेट का विमोचन भी किया। बैठक में सचिव सहकारिता डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं रमेश शर्मा, अपेक्स बैंक के महाप्रबंधक एवं प्रभारी प्रबंध संचालक युगल किशोर, अपर पंजीयक यू.बी.एस. राठिया, अपर पंजीयक सावित्री भगत सहित विभाग और जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के अधिकारी मौजूद रहे।
क्रमांक: 7766/ओम
