रायपुर, 07 सितंबर 2026
छत्तीसगढ़ में नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन को और प्रभावी बनाने के लिए पुलिस और संबंधित विभागों को अब हर स्तर पर काम की गति बढ़ानी होगी। उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने निर्देश दिए हैं कि नेशनल क्रिमिनल लॉ इम्प्लीमेंटेशन (NCLI) डैशबोर्ड के प्रत्येक मापदंड पर ठोस सुधार दिखाई देना चाहिए। उन्होंने FIR से लेकर चार्जशीट और न्यायालयीन प्रक्रिया तक डिजिटल व्यवस्थाओं को तेजी से लागू करने पर विशेष जोर दिया।
नवा रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में हुई समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री ने NCLI डैशबोर्ड पर छत्तीसगढ़ की स्थिति की बिंदुवार समीक्षा की। जुलाई से राज्य की रैंकिंग में हुए सुधार पर उन्होंने संतोष जताया और अधिकारियों से कहा कि इस गति को बनाए रखते हुए सभी मानकों में प्रदर्शन और बेहतर किया जाए।

उन्होंने कहा कि FIR और चार्जशीट को ऑनलाइन माध्यम से सीधे न्यायालय तक भेजने की व्यवस्था जल्द पूरी की जाए। इससे विवेचना से लेकर न्यायालय में विचारण तक की प्रक्रिया में लगने वाला समय कम किया जा सकेगा। साथ ही सभी थानों को ई-साक्ष्य और नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (NAFIS) के प्रभावी उपयोग के लिए तकनीकी और कार्यात्मक रूप से तैयार करने के निर्देश दिए गए।
ई-समन की तामील में देरी न हो, इसके लिए भी अधिकारियों को विशेष निगरानी रखने को कहा गया। उप मुख्यमंत्री ने निर्धारित समय-सीमा के भीतर चार्जशीट ऑनलाइन न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया को मजबूत करने पर जोर दिया, ताकि नए कानूनों के तहत तकनीक आधारित न्याय व्यवस्था का उद्देश्य जमीन पर दिखाई दे।

समीक्षा के दौरान प्रशासनिक सुधार से जुड़े लंबित नोटिफिकेशन और जरूरी प्रक्रियाओं को भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। विजय शर्मा ने कहा कि केवल तकनीकी ढांचा तैयार करना पर्याप्त नहीं है। अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यक्षमता और तकनीकी दक्षता बढ़ाना भी जरूरी है, तभी नए आपराधिक कानूनों का वास्तविक लाभ आम नागरिकों तक पहुंच सकेगा।
बैठक में नए आपराधिक कानूनों के साथ CCTNS और इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) के क्रियान्वयन में सामने आ रही राज्य स्तरीय दिक्कतों पर भी चर्चा हुई। ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (BPRD), नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के अधिकारियों के साथ तकनीकी और प्रक्रियात्मक समाधान पर विचार-विमर्श किया गया।

जिन मामलों में केंद्रीय स्तर से तकनीकी सहायता या सहयोग की जरूरत है, उन्हें संबंधित संस्थाओं के साथ समन्वय कर जल्द सुलझाने के निर्देश दिए गए। बैठक में पुलिस, गृह, जेल, अभियोजन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संभागीय पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक, मेडिको-लीगल नोडल अधिकारी और अभियोजन अधिकारी भी जुड़े।
NCLI डैशबोर्ड केंद्रीय गृह मंत्रालय का डिजिटल मंच है, जिसके जरिए भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के देशभर में क्रियान्वयन की प्रगति की निगरानी की जाती है। छत्तीसगढ़ में इसी व्यवस्था के विभिन्न मापदंडों पर प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए समीक्षा और सुधार की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।
