रायपुर, 2 सितंबर 2026
अबूझमाड़ के दूरस्थ गांव कोहकामेटा की सुकनी नुरेटी ने सरकारी योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता को सिर्फ घरेलू जरूरतों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे अपनी बेटी के बेहतर भविष्य की नींव बना दिया है। महतारी वंदन योजना से हर महीने मिलने वाली राशि में से बचत कर सुकनी अपनी बेटी के नाम सुकन्या समृद्धि योजना के खाते में नियमित रूप से निवेश कर रही हैं। उनकी यह पहल गांव की दूसरी महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही है।
नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखंड के कठिन भौगोलिक क्षेत्र में रहने वाली सुकनी के लिए महतारी वंदन योजना की आर्थिक सहायता ने बचत और भविष्य की योजना बनाने का रास्ता खोला है। पहले जहां मिलने वाली राशि का इस्तेमाल रोजमर्रा की जरूरतों में हो जाता था, वहीं अब वे इसका एक हिस्सा बेटी की पढ़ाई और भविष्य को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित कर रही हैं।
सुकनी का मानना है कि बेटी की उच्च शिक्षा और उसे आत्मनिर्भर बनाने के लिए छोटी उम्र से ही बचत शुरू करना जरूरी है। उनका कहना है कि महतारी वंदन योजना से उन्हें अपने आर्थिक फैसले खुद लेने का आत्मविश्वास मिला है और आज की छोटी-छोटी बचत आगे चलकर बेटी की पढ़ाई और उसके सपनों को पूरा करने में मदद करेगी।
अबूझमाड़ जैसे दूरस्थ क्षेत्र में सुकनी की यह सोच महिला सशक्तिकरण की एक अलग तस्वीर सामने रखती है। आर्थिक सहायता का इस्तेमाल तत्काल जरूरतों के साथ-साथ भविष्य के निवेश के लिए करना यह दिखाता है कि वित्तीय आत्मनिर्भरता महिलाओं को अपने परिवार के लिए लंबे समय की बेहतर योजनाएं बनाने का अवसर भी देती है।
सुकनी नुरेटी की पहल ने महतारी वंदन योजना की आर्थिक सहायता को बेटी के सुरक्षित भविष्य से जोड़ दिया है। उनकी नियमित बचत न सिर्फ एक मां की दूरदर्शिता को दर्शाती है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि छोटी-छोटी बचत भविष्य में बड़े सपनों की मजबूत नींव बन सकती है।
