आधार बायोमेट्रिक से वितरण, कतार और समय की पाबंदी से मिली राहत
रायपुर, 22 अगस्त 2026
दुर्ग जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को तकनीक से जोड़ते हुए शुरू किया गया ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ राशन लेने की प्रक्रिया को पहले से अधिक आसान और पारदर्शी बना रहा है। शासन एवं विश्व खाद्य कार्यक्रम के सहयोग से 8 अगस्त को सुपेला भिलाई के पुराने वैशाली नगर थाना भवन में स्थापित इस मशीन के जरिए राशनकार्डधारी अपनी सुविधा के अनुसार चावल प्राप्त कर रहे हैं।
ग्रेन एटीएम की सबसे बड़ी खासियत इसकी 24 घंटे उपलब्ध रहने वाली सेवा है। अब हितग्राहियों को राशन लेने के लिए निर्धारित समय में उचित मूल्य दुकान पहुंचने या लंबी कतार में खड़े रहने की जरूरत नहीं है। दैनिक मजदूर, श्रमिक, महिलाएं और अन्य हितग्राही अपनी सुविधा के मुताबिक किसी भी समय मशीन से राशन ले सकते हैं।
राशन प्राप्त करने के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण किया जाता है। पहचान और पात्रता की पुष्टि होने के बाद मशीन हितग्राही के लिए निर्धारित मात्रा में चावल उपलब्ध कराती है। मशीन से होने वाले वितरण में तौल की प्रक्रिया भी स्वचालित है, जिससे हितग्राही को उसकी पात्रता के अनुसार पूरा राशन मिलने की व्यवस्था सुनिश्चित होती है।
तकनीक आधारित इस व्यवस्था से राशन वितरण में मानवीय हस्तक्षेप कम हुआ है और पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनी है। साथ ही, राशनकार्डधारियों की उचित मूल्य दुकान के समय और व्यवस्था पर निर्भरता भी कम हो रही है। प्रशासन को उम्मीद है कि इस तरह की व्यवस्था से पीडीएस में होने वाली अनियमितताओं को रोकने में भी मदद मिलेगी।
ग्रेन एटीएम के जरिए दुर्ग जिले के अलावा अन्य स्थानों के पात्र राशनकार्डधारी भी चावल प्राप्त कर सकते हैं। प्रशासन द्वारा इस सुविधा की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि पात्र हितग्राही आधुनिक तकनीक से जुड़ी इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ सार्वजनिक वितरण प्रणाली में तकनीकी बदलाव का ऐसा उदाहरण बन रहा है, जिसमें राशन वितरण को केवल आसान ही नहीं, बल्कि अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और हितग्राही-केंद्रित बनाने का प्रयास किया गया है।
