30 किस्तों से मिला आर्थिक संबल, बुढ़ापे में छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भरता हुई कम
रायपुर, 22 अगस्त 2026
कांकेर के अघन नगर की श्रीमती प्रेमलता शर्मा के लिए महतारी वंदन योजना नियमित आर्थिक सहायता से कहीं बढ़कर जीवन का सहारा बन गई है। योजना की अब तक 30 किस्तें प्राप्त कर चुकीं प्रेमलता इन राशि का उपयोग अपनी दवाइयों, पोषण और रोजमर्रा की आवश्यकताओं को पूरा करने में कर रही हैं।
प्रेमलता शर्मा ने बताया कि उनके परिवार में चार सदस्य हैं। उनके बड़े बेटे ज्योतिष का काम करते हैं, जबकि छोटा बेटा मैकेनिक है और उनके पति घर पर रहते हैं। ऐसे में हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की सहायता उनके लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है। इस राशि से वह अपनी जरूरत के अनुसार खर्च कर पाती हैं और जरूरी दवाइयों व पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में उन्हें मदद मिलती है।
उन्होंने बताया कि महतारी वंदन की राशि ने उन्हें अपने छोटे-छोटे खर्चों के लिए आर्थिक रूप से मजबूत बनाया है। उम्र बढ़ने के साथ दवाइयों और स्वास्थ्य से जुड़ी जरूरतें बढ़ती हैं, ऐसे में नियमित आर्थिक सहायता उनके लिए भरोसे का आधार बन गई है। अब उन्हें अपनी जरूरी चीजों के लिए हर बार परिवार के सदस्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
महतारी वंदन योजना के लिए राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए श्रीमती प्रेमलता शर्मा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को स्नेहपूर्वक ‘मोर विष्णु भैया’ कहकर धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि योजना से उन्हें आर्थिक मजबूती के साथ आत्मसम्मान और अपने खर्च स्वयं पूरा करने का भरोसा मिला है।
प्रेमलता शर्मा की कहानी बताती है कि नियमित आर्थिक सहायता किस तरह महिलाओं और माताओं के दैनिक जीवन में वास्तविक बदलाव ला सकती है। महतारी वंदन योजना उनके लिए दवाइयों और पोषण की जरूरतों को पूरा करने के साथ बुढ़ापे में सम्मान, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सुरक्षा का संबल बन रही है।
