स्व-सहायता समूह से जुड़कर बढ़ाई आमदनी, अब परिवार को आर्थिक मजबूती देने में निभा रहीं अहम भूमिका
रायपुर, 22 अगस्त 2026
रायगढ़ जिले के ग्राम सियारपाली की सावित्री राणा ने मेहनत, हुनर और सही अवसर के सहारे अपनी पहचान बनाई है। कभी घर की जिम्मेदारियों तक सीमित रहने वाली सावित्री आज बिहान योजना से जुड़कर कुम्हारी व्यवसाय को अपनी आजीविका का मजबूत आधार बना चुकी हैं। उनके बनाए मिट्टी के दीये, मटके, गमले और गुल्लक अब उनकी आमदनी का जरिया हैं।
सावित्री कृष्णा स्व-सहायता समूह और जागृति ग्राम संगठन से जुड़ीं, जिसके बाद उन्हें अपने पारंपरिक हुनर को व्यवसाय में बदलने का अवसर मिला। व्यवसाय शुरू करने के लिए उन्हें आरएफ से 4 हजार और सीआईएफ से 8 हजार रुपए की सहायता मिली। इसके बाद उन्होंने बैंक से 30 हजार और फिर 20 हजार रुपए का ऋण लेकर अपने काम का विस्तार किया।

लगातार प्रयास से सावित्री ने अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाया और वर्तमान में उन्होंने बैंक से 1 लाख रुपए का ऋण लिया है, जिसमें 30 हजार रुपए की राशि शेष है। कुम्हारी के काम से अब उन्हें हर महीने लगभग 8 से 9 हजार रुपए की आय हो रही है। इससे वे परिवार की आर्थिक जरूरतों में सहयोग देने के साथ अपने भविष्य को भी बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
सावित्री की कहानी बताती है कि स्व-सहायता समूहों से मिलने वाला प्रशिक्षण, आर्थिक सहयोग और ऋण सुविधा ग्रामीण महिलाओं को अपने हुनर को व्यवसाय में बदलने का अवसर दे रही है। बिहान योजना से जुड़कर वे केवल आय अर्जित नहीं कर रहीं, बल्कि आत्मविश्वास के साथ अपने परिवार और समाज में आर्थिक रूप से मजबूत भूमिका भी निभा रही हैं।
