करमा पर्व प्रकृति, खेती-किसानी और सामाजिक भाईचारे से जुड़ी परंपराओं का उत्सव : मंत्री श्री अग्रवाल
रायपुर, 22 अगस्त 2026
अंबिकापुर के तुर्रापानी में नगेसिया किसान समाज द्वारा आयोजित करमा उत्सव में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक एवं जनजातीय संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिली। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल कार्यक्रम में शामिल हुए और प्रदेशवासियों को करमा पर्व की बधाई देते हुए सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। पारंपरिक गीतों, लोकनृत्यों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे आयोजन को उत्सवमय बना दिया।

मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि करमा पर्व केवल धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रकृति, कृषि जीवन, सामुदायिक परंपराओं और आपसी एकजुटता से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। सदियों से चली आ रही लोक परंपराएं ऐसे आयोजनों के माध्यम से आज भी जीवंत हैं और नई पीढ़ी तक पहुंच रही हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी विविध जनजातीय परंपराओं, लोकगीतों और लोकनृत्यों से भी बनी है। बदलते समय में इन परंपराओं को संरक्षित करना जरूरी है, ताकि युवा पीढ़ी अपनी संस्कृति और जड़ों से जुड़ी रहे। करमा जैसे पर्व समाज को अपनी विरासत से जोड़ने के साथ आपसी भाईचारे और सामूहिक सहभागिता को भी मजबूत करते हैं।

मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार लोककला, लोक संस्कृति और जनजातीय विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगातार कार्य कर रही है। स्थानीय स्तर पर आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम कलाकारों और समाजों को अपनी परंपराओं को प्रस्तुत करने का मंच देते हैं और प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को व्यापक स्तर पर सामने लाते हैं।
उन्होंने नगेसिया किसान समाज के आयोजन की सराहना करते हुए आयोजकों और समाजजनों को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। पारंपरिक गीत-संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियों के बीच करमा उत्सव उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया।
