रायपुर, 21 अगस्त 2026
नारायणपुर के खड़कागांव की कांति दुग्गा के लिए आवाजों की दुनिया से दोबारा जुड़ना उनके जीवन में एक नई शुरुआत लेकर आया है। श्रवण बाधित होने के कारण बातचीत और रोजमर्रा के कामों में लगातार परेशानी झेल रही कांति ने 10वीं के बाद अपनी पढ़ाई छोड़ दी थी। लेकिन अब श्रवण यंत्र मिलने के बाद उनके जीवन में बदलाव दिखाई देने लगा है और वे दोबारा अपने अधूरे सपनों को पूरा करने की तैयारी कर रही हैं।
समाज कल्याण विभाग की सहायक उपकरण प्रदाय योजना के तहत कांति को श्रवण यंत्र उपलब्ध कराया गया। उपकरण मिलने के बाद अब वे आसपास के लोगों से बेहतर तरीके से संवाद कर पा रही हैं। परिवार के सदस्यों की बातें समझने और दैनिक गतिविधियों को आसानी से करने से उनके भीतर आत्मविश्वास भी बढ़ा है।
कांति के लिए यह सहायता केवल सुनने की क्षमता में सुधार तक सीमित नहीं है। लंबे समय से शिक्षा से दूर रहने के बाद अब उनके मन में अपनी पढ़ाई पूरी करने और भविष्य में अपने पैरों पर खड़े होने की इच्छा फिर से मजबूत हुई है। जो परिस्थितियां कभी उनके लिए रुकावट बन गई थीं, उन्हें अब वे पीछे छोड़ने की कोशिश कर रही हैं।
कांति ने शासन की इस पहल के लिए जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग के प्रति आभार जताते हुए कहा कि श्रवण यंत्र मिलने से उन्हें सामान्य जीवन जीने और आगे बढ़ने का नया भरोसा मिला है। उन्होंने कहा कि जरूरत के समय मिली यह सहायता उनके लिए परिवार के बड़े भाई से मिले स्नेह और सहयोग जैसी है।
कांति की कहानी यह बताती है कि दिव्यांगजनों को समय पर उपलब्ध कराया गया सहायक उपकरण उनके जीवन में केवल सुविधा नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और नए अवसर भी लेकर आ सकता है। शासन की ऐसी योजनाओं से जरूरतमंद लोगों को शिक्षा, आत्मनिर्भरता और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
