मुख्य सचिव ने कलेक्टरों को दिए निर्देश, पूर्ण योजनाओं का कराएं भौतिक सत्यापन और लंबित भुगतान जल्द करें
रायपुर, 20 अगस्त 2026।
प्रदेश में हर घर जल पहुंचाने के लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए आज मंत्रालय महानदी भवन से मुख्य सचिव श्री विकासशील ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने सभी जिलों के कलेक्टरों से योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि कलेक्टर स्वयं रुचि लेकर मिशन के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करें।
मुख्य सचिव ने कहा कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य केवल नल कनेक्शन देना नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार को घर में नियमित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है। उन्होंने पूर्ण हो चुकी योजनाओं का भौतिक सत्यापन कराने तथा पंचायतों को हस्तांतरित योजनाओं के लंबित भुगतानों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल जीवन मिशन के कार्यों में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सोलर आधारित योजनाओं की भी हुई समीक्षा
कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में सोलर आधारित नल-जल योजनाओं और क्रेडा से संबंधित योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा की गई। पूर्ण एवं हस्तांतरित योजनाओं के भुगतान की प्रक्रिया तेजी से पूरी करने के निर्देश दिए गए। वहीं, जल स्रोत से जुड़ी समस्याओं वाली योजनाओं को स्थानीय निधि से पूरा कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
इंजीनियरों की कमी दूर करने दूसरे विभागों की मदद लेने के निर्देश
मुख्य सचिव ने कहा कि जिन जिलों में सब-इंजीनियरों की कमी है, वहां अन्य विभागों के इंजीनियरों की सेवाएं लेकर जल जीवन मिशन के कार्यों को गति दी जाए। उन्होंने जिला जल एवं स्वच्छता समितियों की नियमित मासिक बैठक सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बैठकों की कार्यवाही समय पर विभागीय पोर्टल पर अपलोड करने और योजनाओं की नियमित निगरानी करने पर भी जोर दिया गया।
मिशन मोड में काम करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने कलेक्टरों से कहा कि स्पष्ट आकलन, बेहतर कार्ययोजना और प्रभावी समन्वय के साथ मिशन मोड में काम किया जाए, ताकि प्रदेश के प्रत्येक परिवार तक समयबद्ध रूप से नल से जल पहुंचाया जा सके।
बैठक में 55 एलपीसीडी से कम और 7 दिनों से कम जल प्रदाय वाली योजनाओं की भी जानकारी ली गई। बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री अब्दुल कैसर हक सहित विभाग एवं जल जीवन मिशन के अधिकारी उपस्थित रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टर और जिला स्तरीय अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
