रायपुर, 18 अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ को साइबर क्राइम मुक्त बनाने के संकल्प के साथ रायपुर स्थित शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय में पुलिस अधिकारियों द्वारा छात्र-छात्राओं और इंटर्न्स के लिए विशेष साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “साइबर जागृति अभियान” के तहत आयोजित किया गया।
प्रदेशवासियों को साइबर अपराधों के प्रति सुरक्षित और जागरूक करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक पूरे प्रदेश में सात सप्ताह का “साइबर जागृति अभियान” संचालित किया जा रहा है। अभियान के पहले सप्ताह में डिजिटल सतर्कता और बुनियादी साइबर सुरक्षा को लेकर स्कूल एवं कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इसी कड़ी में दंत चिकित्सा महाविद्यालय में पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों और इंटर्न्स को साइबर अपराध के बदलते तरीकों, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव और बुनियादी साइबर सुरक्षा उपायों की जानकारी दी। युवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी संबंधित माध्यमों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान युवाओं को अभियान की मुख्य थीम “साइबर जागृति की एक सेल्फी” से भी जोड़ा गया। छात्र-छात्राओं और इंटर्न्स को छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा जारी लिंक पर क्लिक करने अथवा QR Code स्कैन कर जागरूकता संदेश वाली सेल्फी फ्रेम में अपनी सेल्फी लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया। उपस्थित युवाओं ने अपनी सेल्फी सोशल मीडिया हैंडल्स पर पोस्ट कर साइबर अपराध के प्रति जागरूकता का संदेश अपने फॉलोअर्स और फ्रेंड्स तक पहुंचाया।
इस पहल का उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अभियान के जरिए प्रदेश के नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करने और डिजिटल सुरक्षा को जनआंदोलन का रूप देने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने बताया कि “साइबर जागृति अभियान” का शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा किया गया है। राज्य पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम ने भी प्रदेशवासियों से अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है।
कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं और इंटर्न्स ने पुलिस का सहयोग करते हुए छत्तीसगढ़ को साइबर क्राइम मुक्त और सुरक्षित बनाने का संकल्प लिया।
