जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर तक पहुंचाने पर जोर, विकास कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा का रखें विशेष ध्यान
रायपुर। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में शासन की योजनाओं और विकास कार्यों की जमीनी स्थिति को लेकर प्रभारी मंत्री एवं पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अधिकारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। कलेक्ट्रेट स्थित अरपा सभा कक्ष में आयोजित इस बैठक में जिले में संचालित विभिन्न विभागों की योजनाओं, विकास कार्यों, उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य केवल प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करना नहीं है, बल्कि उनका वास्तविक लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभाव तभी दिखाई देगा, जब समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं और सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित हो।
बैठक में विधायक श्री प्रणव कुमार मरपची, जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री समीरा पैकरा, उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह, कलेक्टर श्री विजय दयाराम के., पुलिस अधीक्षक श्री मनोज खिलारी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकेश रावटे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं
प्रभारी मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने जिले में चल रहे अधोसंरचना और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रत्येक निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से निर्माण कार्यों की निगरानी करने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने साफ कहा कि विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं और निर्माण कार्यों की प्रगति की लगातार मॉनिटरिंग की जाए, ताकि जनता को समय पर सुविधाओं का लाभ मिल सके।
प्रधानमंत्री आवास की तीसरी किश्त समय पर जारी करने के निर्देश
समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना की भी जानकारी ली गई। मंत्री ने पात्र हितग्राहियों को आवास निर्माण की तीसरी किश्त समय पर जारी करने के निर्देश दिए, ताकि आवास निर्माण का कार्य बिना रुकावट पूरा हो सके।
इसके साथ ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना यानी मनरेगा के तहत स्वीकृत आंगनबाड़ी भवन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों, मुक्तिधाम और प्रतीक्षालय जैसे निर्माण कार्यों को भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।
स्कूलों में बालिकाओं के लिए सुविधाओं पर विशेष जोर
शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा के दौरान मंत्री ने जिले के सभी विद्यालयों में अनिवार्य रूप से बालिका शौचालय उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि छात्राओं के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। स्कूलों में बेहतर बुनियादी सुविधाएं शिक्षा के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करती हैं और इससे छात्राओं की नियमित उपस्थिति को भी बढ़ावा मिलता है।
GPM को टीबी मुक्त जिला बनाने की दिशा में तेज होगा अभियान
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान प्रभारी मंत्री ने जिले को टीबी मुक्त जिला बनाने के लिए अभियान को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें शासन की स्वास्थ्य योजनाओं से जोड़ा जाए और जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जाएं।
साथ ही सभी पात्र परिवारों को उज्ज्वला गैस कनेक्शन दिलाने के निर्देश दिए गए, ताकि ग्रामीण और जरूरतमंद परिवारों को स्वच्छ ईंधन की सुविधा मिल सके।
बिजली सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर
ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में बिजली की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए मंत्री ने जिले में स्वीकृत विद्युत उपकेंद्रों की स्थापना की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निविदा प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने और मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना का अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने पर जोर दिया।
मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर विद्युत सुविधाएं लोगों के जीवन स्तर को सुधारने के साथ-साथ स्थानीय विकास की गति को भी तेज करेंगी।
छात्रावासों में बढ़ाई जाएंगी सीटें
शिक्षा और आवासीय सुविधाओं की समीक्षा करते हुए मंत्री ने जिले के छात्रावासों में आवश्यकता के अनुसार सीटों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और पर्याप्त आवासीय सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
इसके अलावा गांवों और महत्वपूर्ण स्थानों को मुख्य मार्गों से जोड़ने वाले छोटे-छोटे पहुंच मार्गों के निर्माण के लिए आवश्यक प्रस्ताव जल्द भेजने को कहा गया, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन आसान हो सके।
बकरी और मछली पालन से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रभारी मंत्री ने बकरी पालन और मछली पालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
उन्होंने संबंधित विभागों से कहा कि अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को इन गतिविधियों से जोड़ा जाए, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के नए अवसर तैयार हों।
मंत्री ने कहा कि स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक आजीविका से जुड़े व्यवसायों को बढ़ावा देकर ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा सकता है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए पीपल के पौधे लगाने के निर्देश
बैठक में पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। प्रभारी मंत्री ने जिले में अधिक से अधिक पीपल के पौधे लगाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल अभियान तक सीमित नहीं रहना चाहिए। लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और सुरक्षा की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि वे भविष्य में बड़े वृक्ष बन सकें।
धनपुर में मिली दुर्लभ मूर्तियों के संरक्षण का मुद्दा उठा
बैठक का एक महत्वपूर्ण विषय जिले के धनपुर क्षेत्र में खुदाई के दौरान मिली दुर्लभ प्राचीन मूर्तियां भी रहा।
कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने मंत्री को जिले में पर्यटन विकास से जुड़े कार्यों की जानकारी देते हुए धनपुर में खुदाई के दौरान प्राप्त प्राचीन मूर्तियों के बारे में बताया।
इन मूर्तियों के ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व को देखते हुए उनके सर्वेक्षण, पहचान और संरक्षण की आवश्यकता बताई गई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने बैठक के दौरान ही पर्यटन विभाग के उच्च अधिकारियों से दूरभाष पर चर्चा की और धनपुर में प्राप्त मूर्तियों के सर्वेक्षण एवं संरक्षण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जिले की ऐतिहासिक और पुरातात्विक धरोहर केवल वर्तमान पीढ़ी की संपत्ति नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी महत्वपूर्ण विरासत है। इसलिए ऐसी धरोहरों का संरक्षण जरूरी है।
मंत्री ने इन ऐतिहासिक स्थलों को भविष्य में पर्यटन विकास से जोड़ने की संभावनाओं पर भी जोर दिया।
विभागवार योजनाओं की ली गई जानकारी
बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपनी-अपनी योजनाओं, निर्धारित लक्ष्यों, अब तक की उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की।
प्रभारी मंत्री ने विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने और पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ उपलब्ध कराने को प्राथमिकता देने को कहा।
सरकार की योजनाओं का जमीनी असर दिखना जरूरी
प्रभारी मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार की योजनाएं केवल फाइलों और कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक योजना का अंतिम उद्देश्य आम नागरिक के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। इसलिए अधिकारियों को मैदानी स्तर पर योजनाओं की स्थिति की लगातार निगरानी करनी होगी और जहां भी कोई समस्या सामने आए, उसका प्राथमिकता के आधार पर समाधान करना होगा।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं को प्रभावी तरीके से धरातल पर उतारकर यह सुनिश्चित किया जाए कि जरूरतमंद परिवारों, ग्रामीणों, विद्यार्थियों, महिलाओं और अन्य पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर मिले।
