गर्भाशय के बाहर बना था विशाल ट्यूमर, आसपास थीं यूरेटर और प्रमुख रक्त वाहिकाएं; विशेषज्ञ डॉक्टरों ने बेहद जटिल सर्जरी को दिया सफल अंजाम
रायपुर, 09 अगस्त 2026। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय राजनांदगांव के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने एक महिला के गर्भाशय के बाहर विकसित हुए विशाल ब्रॉड लिगामेंट फाइब्रॉयड की जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की है। ट्यूमर का आकार करीब 26 सप्ताह के शिशु के बराबर था। सर्जरी के बाद महिला की स्थिति स्थिर है और वह तेजी से स्वस्थ हो रही है।
कैंसर की आशंका के बीच सामने आया फाइब्रॉयड
प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. मीना आरमो के अनुसार, यह ब्रॉड लिगामेंट फाइब्रॉयड था, जो कैंसर नहीं होता है। सामान्य फाइब्रॉयड की तरह गर्भाशय के भीतर विकसित होने के बजाय यह गर्भाशय के बाहर बाईं ओर स्थित था।
ट्यूमर के आसपास मूत्रवाहिनी (यूरेटर) और प्रमुख रक्त वाहिकाएं मौजूद थीं। इसी वजह से ऑपरेशन को बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण माना गया।
महिला की USG और CT स्कैन रिपोर्ट में गर्भाशय के कैंसर की संभावना जताई गई थी। इसके आधार पर चिकित्सकों ने स्टेजिंग लैप्रोटॉमी की योजना बनाई।
ऑपरेशन के दौरान सामने आई वास्तविक स्थिति
ऑपरेशन के दौरान पेट में चीरा लगाने के बाद चिकित्सकों को स्पष्ट हुआ कि यह कैंसर नहीं, बल्कि ब्रॉड लिगामेंट फाइब्रॉयड है।
इसके बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बेहद सावधानी और दक्षता के साथ ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाल दिया। ऑपरेशन के बाद गर्भाशय, ट्यूब, अंडाशय और ट्यूमर के नमूनों को आवश्यक जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
मरीज की हालत स्थिर, तेजी से हो रही रिकवरी
सफल सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति पूरी तरह स्थिर बताई गई है। चिकित्सकों की निगरानी में उसका स्वास्थ्य तेजी से बेहतर हो रहा है।
इस जटिल ऑपरेशन की सफलता राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं और चिकित्सकों की दक्षता को दर्शाती है।
स्थानीय स्तर पर मिल रहा विशेषज्ञ उपचार
शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय राजनांदगांव के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में जटिल स्त्री रोग संबंधी सर्जरी आधुनिक तकनीकों और मानक उपचार पद्धतियों के अनुरूप की जा रही हैं।
इससे राजनांदगांव जिले के साथ आसपास के क्षेत्रों की महिलाओं को भी उच्चस्तरीय विशेषज्ञ उपचार स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो रहा है।
