प्रदेश में सामान्य से 100.9% बारिश, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सबसे ज्यादा वर्षा; सुकमा में सबसे कम
रायपुर, 09 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में इस मानसून सीजन में बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की 9 अगस्त 2026 तक की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में अब तक सामान्य औसत वर्षा का 100.9 प्रतिशत पानी बरस चुका है।
1 जून से 9 अगस्त तक राज्य में औसतन 647.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। यह पिछले 10 वर्षों की इसी अवधि की औसत वर्षा 641.3 मिलीमीटर से भी अधिक है। वहीं, सिर्फ 9 अगस्त को प्रदेश में औसतन 27.9 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सबसे ज्यादा बारिश
प्रदेश में अब तक सबसे ज्यादा बारिश सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में दर्ज की गई है। यहां सामान्य से 193.9 प्रतिशत अधिक यानी 943.7 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है।
इसके अलावा कई जिलों में भी सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है:
- महासमुंद — 144.0%
- नारायणपुर — 130.0%
- रायपुर — 129.7%
- बलौदाबाजार — 128.5%
- बलरामपुर — 126.7%
- गरियाबंद — 122.8%
- जांजगीर-चांपा — 123.8%
- सक्ती — 121.4%
- बालोद — 118.5%
- मुंगेली — 118.2%
- दुर्ग — 111.7%
- बिलासपुर — 111.5%
- धमतरी — 109.4%
इन जिलों में सामान्य से अधिक बारिश होने के कारण खेतों और जल निकायों में पर्याप्त पानी उपलब्ध होने की स्थिति बनी हुई है।
इन जिलों में बारिश सामान्य के आसपास
कुछ जिलों में मानसून की स्थिति सामान्य और संतुलित बनी हुई है। इनमें राजनांदगांव में 103.1%, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 100.9%, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 99.1%, कोरिया में 96.9%, कोरबा में 96.1%, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 96.0%, रायगढ़ में 95.9%, दंतेवाड़ा में 93.2% और सूरजपुर में 91.7% वर्षा दर्ज की गई है।
10 जिलों में बारिश अब भी सामान्य से कम
प्रदेश के कुछ जिलों में मानसून अब भी कमजोर बना हुआ है। यहां किसानों को अच्छी बारिश का इंतजार है।
- कबीरधाम — 86.1%
- कोंडागांव — 85.2%
- बेमेतरा — 80.9%
- जशपुर — 75.1%
- बस्तर — 74.8%
- मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी — 72.5%
- बीजापुर — 71.4%
- सरगुजा — 69.5%
- कांकेर — 69.4%
- सुकमा — 67.7% यानी 602.3 मिलीमीटर
इन जिलों में बारिश सामान्य से कम रहने के कारण किसान अब मानसून की अगली अच्छी बारिश की उम्मीद लगाए हुए हैं।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष और संवेदनशील इलाकों पर नजर
लगातार बारिश को देखते हुए राज्य बाढ़ नियंत्रण कक्ष और मौसम विभाग द्वारा संवेदनशील जिलों, जलाशयों और नदी तटों की लगातार निगरानी की जा रही है।
प्रदेश के सभी जिला कार्यालयों में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं, ताकि बारिश और संभावित बाढ़ की स्थिति पर तत्काल निगरानी रखते हुए आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
मानसून ने पार किया 10 साल का औसत
कुल मिलाकर छत्तीसगढ़ में मानसून की स्थिति फिलहाल मजबूत बनी हुई है। 647.3 मिलीमीटर औसत बारिश के साथ प्रदेश ने पिछले 10 वर्षों के 641.3 मिलीमीटर औसत को पार कर लिया है। हालांकि, संभाग और जिलों के स्तर पर बारिश का वितरण असमान है, जिसके चलते कुछ क्षेत्रों में पर्याप्त पानी है तो कुछ जिलों में अब भी अच्छी बारिश का इंतजार बना हुआ है।
