दर्री हसदेव बैराज के गेट, स्टॉप लॉग और होइस्टिंग सिस्टम होंगे दुरुस्त; गुणवत्ता और समय-सीमा पर विशेष जोर
रायपुर, 09 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ सरकार ने कोरबा जिले की महत्वपूर्ण हसदेव बांगो परियोजना के अंतर्गत हसदेव बैराज दर्री के संरक्षण और सुदृढ़ीकरण के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य शासन ने बैराज के गेटों, स्टॉप लॉग और होइस्टिंग सिस्टम की मरम्मत एवं पेंटिंग कार्य के लिए 3.83 करोड़ रुपये से अधिक की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है।
बैराज के गेट और होइस्टिंग सिस्टम होंगे दुरुस्त
स्वीकृत राशि से हसदेव बैराज दर्री के सभी गेट, स्टॉप लॉग, दाएं एवं बाएं तट हेड रेग्यूलेटर तथा उनके होइस्टिंग एरेंजमेंट यानी गेटों को उठाने-गिराने की प्रणाली का आवश्यक सुधार एवं मरम्मत कार्य कराया जाएगा।
इसके साथ ही गेटों के पूरे ढांचे की गुणवत्तापूर्ण पेंटिंग की जाएगी, ताकि उन्हें जंग और क्षरण से बचाया जा सके। इससे बैराज की संरचनाओं की सुरक्षा और संचालन क्षमता को बेहतर बनाए रखने में मदद मिलेगी।
तय बजट से अधिक खर्च नहीं होगा
राज्य शासन ने कार्य में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। स्वीकृत बजट सीमा से अधिक व्यय किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मरम्मत एवं निर्माण कार्य के लिए प्रतिस्पर्धात्मक और पारदर्शी निविदा प्रक्रिया अपनाई जाएगी। काम शुरू करने से पहले सक्षम अधिकारियों से तकनीकी स्वीकृति के साथ ड्रॉइंग और डिजाइन का अनुमोदन लेना अनिवार्य होगा।
समय-सीमा और गुणवत्ता पर रहेगी कड़ी निगरानी
शासन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्वीकृत कार्य अनुबंधित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। केवल अपरिहार्य परिस्थितियों में ही नियमानुसार समय-वृद्धि पर विचार किया जाएगा।
इसके अलावा निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, मितव्ययिता और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए पूरे कार्य की कड़ी निगरानी की जाएगी।
हसदेव बांगो परियोजना के अंतर्गत होने वाला यह मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण कार्य हसदेव बैराज दर्री की संरचनात्मक मजबूती और दीर्घकालीन संचालन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
