नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) निधि से निर्मित स्टॉपडैम और चेकडैम किसानों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। लगभग 1.47 करोड़ रुपये की लागत से तैयार तीन जल संरक्षण परियोजनाओं के माध्यम से 150 एकड़ कृषि भूमि तक सिंचाई का पानी पहुंचेगा। इन संरचनाओं से वर्षा जल का संरक्षण, भू-जल स्तर में वृद्धि और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
1.47 करोड़ रुपये से बने तीन प्रमुख जल संरक्षण ढांचे
जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग की पहल पर वर्ष 2025-26 में जिला खनिज संस्थान न्यास निधि के तहत तीन महत्वपूर्ण जल संरचनाओं का निर्माण पूरा किया गया।
इनमें शामिल हैं—
- पुसागांव स्टॉपडैम
- कोरेण्डा स्टॉपडैम
- कोडोली चेकडैम
इन परियोजनाओं से वर्षा जल का अधिकतम संचयन हो रहा है और क्षेत्र के भू-जल स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है।
150 एकड़ कृषि भूमि को मिलेगा बारहमासी सिंचाई का लाभ
कलेक्टर के मार्गदर्शन में तैयार की गई इन योजनाओं से नारायणपुर के किसानों की वर्षों पुरानी सिंचाई की समस्या दूर होगी।

परियोजनाओं से मिलने वाला सिंचाई लाभ—
- पुसागांव स्टॉपडैम – 65 एकड़ भूमि
- कोरेण्डा स्टॉपडैम – 50 एकड़ भूमि
- कोडोली चेकडैम – 35 एकड़ भूमि
कुल मिलाकर लगभग 150 एकड़ कृषि भूमि को वर्षभर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी।
अब खरीफ के साथ रबी फसल भी ले सकेंगे किसान
अब तक अधिकांश किसान केवल मानसून पर निर्भर रहते थे, लेकिन नई जल संरचनाओं के निर्माण के बाद—
- खरीफ और रबी दोनों मौसमों में खेती संभव होगी।
- सिंचाई की उपलब्धता से फसल उत्पादन बढ़ेगा।
- किसानों की आय में वृद्धि होगी।
- ग्रामीणों को सालभर निस्तारी कार्यों के लिए भी पानी उपलब्ध रहेगा।
भू-जल स्तर बढ़ेगा, मिट्टी का कटाव भी रुकेगा
इन जल संरक्षण परियोजनाओं का लाभ केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
इनसे—
- भू-जल स्तर में वृद्धि हो रही है।
- आसपास के कुओं और बोरवेल में पानी का स्तर सुधर रहा है।
- सूखे नाले और जल स्रोत पुनर्जीवित हो रहे हैं।
- वर्षा के दौरान उपजाऊ मिट्टी के कटाव पर प्रभावी रोक लग रही है।
- भविष्य में पेयजल संकट की संभावना भी कम होगी।
जनभागीदारी से समय पर पूरा हुआ निर्माण कार्य
जिला प्रशासन के अनुसार इन परियोजनाओं की सफलता में स्थानीय ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी रही।
ग्रामीणों के सहयोग से—
- निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे हुए।
- गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा गया।
- जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप मिला।
किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम
नारायणपुर में स्टॉपडैम और चेकडैम निर्माण की यह पहल जल संरक्षण के साथ-साथ कृषि विकास और ग्रामीण समृद्धि का मजबूत आधार बन रही है। जिला खनिज संस्थान न्यास निधि से तैयार इन जल संरचनाओं से किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी, जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन होगा और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच क्षेत्र में कृषि आधारित आजीविका को नई मजबूती मिलेगी।
