बलरामपुर। बलरामपुर जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत भेलवाड़ीह के सचिव विष्णु पद मंडल का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल ऑडियो में जन्म प्रमाण पत्र को ऑफलाइन से ऑनलाइन करने के नाम पर पैसे मांगने की कथित बातचीत सुनाई दे रही है। हालांकि, इस वायरल ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
ऑडियो में पैसे मांगने की कथित बातचीत
वायरल ऑडियो में कथित तौर पर पंचायत सचिव यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि जन्म प्रमाण पत्र ऑनलाइन कराने के लिए जिले में 150 से 200 रुपये देने पड़ते हैं, अन्यथा लोगों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ेंगे।
ऑडियो वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है।
पीड़ित ने लगाए बार-बार चक्कर लगवाने के आरोप
भेलवाड़ीह निवासी अजय कुमार गुप्ता ने बताया कि उनकी बेटी का जन्म प्रमाण पत्र पहले से ऑफलाइन था। आधार कार्ड बनवाने के लिए उसे ऑनलाइन कराना आवश्यक था।
उनका आरोप है कि—
- पंचायत सचिव ने पहले रोजगार सहायक से रजिस्टर में एंट्री कराने को कहा।
- एंट्री कराने के बाद भी उन्हें तीन से चार दिनों तक पंचायत और सचिव के घर के चक्कर लगाने पड़े।
- इसके बावजूद उनका कार्य पूरा नहीं किया गया।
ऑडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर किया वायरल
अजय कुमार गुप्ता का आरोप है कि लगातार परेशानी के बाद उन्होंने पंचायत सचिव के साथ हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी।
उन्होंने दावा किया कि—
- आज तक उनकी बेटी का जन्म प्रमाण पत्र ऑनलाइन नहीं हो सका है।
- वे ग्राम पंचायत से लेकर जनपद पंचायत तक लगातार चक्कर लगा रहे हैं।
- गांव के अन्य लोगों को भी इसी तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गांव के अन्य लोगों से भी पैसे मांगने का आरोप
अजय कुमार गुप्ता ने आरोप लगाया कि गांव में जन्म प्रमाण पत्र ऑनलाइन करने के नाम पर कई लोगों को अनावश्यक रूप से घुमाया जा रहा है और उनसे पैसे मांगे जा रहे हैं।
वायरल ऑडियो में कथित तौर पर “दान-दक्षिणा” का भी उल्लेख सुनाई देता है, जिसके बाद मामला और अधिक चर्चा में आ गया है।
प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
मामले को लेकर अभी तक जिला प्रशासन या संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, वायरल ऑडियो की सत्यता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
यदि मामले की जांच कराई जाती है, तो उसके बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो और शिकायतकर्ता के आरोपों के आधार पर चर्चा में है।
