रायपुर | 27 जून 2026
उत्तर बस्तर कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड स्थित ग्राम किसकोड़ो में एक ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला। कभी नक्सली गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहे इस गांव में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ग्रामीणों के बीच जनचौपाल लगाकर उनकी समस्याएं सुनीं। जिस स्थान पर कभी नक्सलियों की चौपाल लगती थी, वहीं अब लोकतंत्र और विकास की चर्चा हुई। वर्षों तक भय और हिंसा का सामना करने वाला यह गांव अब विकास और विश्वास की नई राह पर आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है।
ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर सुनी समस्याएं
गांव पहुंचने पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का ग्रामीणों ने आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर संवाद किया और एक-एक व्यक्ति की समस्याओं, मांगों और सुझावों को गंभीरता से सुना। इस जनचौपाल में ग्राम किसकोड़ो सहित आसपास की आठ पंचायतों के सरपंच और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने रखीं विकास से जुड़ी मांगें
जनचौपाल के दौरान ग्रामीणों ने बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, विद्युत व्यवस्था में सुधार, बंडापाल में विद्युत सब-स्टेशन, खाद भंडारण केंद्र, स्कूल की बाउंड्रीवाल और मातला मार्ग पर पाइप पुलिया निर्माण जैसी मांगें रखीं।
उप मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल तक मरीजों के आवागमन के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध कराने और विद्युत व्यवस्था को मजबूत बनाने के भी निर्देश दिए।
‘किसकोड़ो को आदर्श ग्राम बनाया जाएगा’
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि किसकोड़ो को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा और विकास कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि वर्षों तक भय के माहौल में रहने के बाद अब ग्रामीणों में विकास के प्रति जो उत्साह दिखाई दे रहा है, वह बेहद प्रेरणादायक है।
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नक्सल प्रभावित गांव में लौटा विकास का भरोसा
जानकारी के अनुसार, अक्टूबर 2025 तक किसकोड़ो एरिया कमेटी नक्सली गतिविधियों का प्रमुख केंद्र थी, जिसे अब नक्सलवाद से मुक्त घोषित किया जा चुका है। हाल ही में गांव में पेयजल समस्या के समाधान के लिए बोर खनन कराया गया है, जिससे ग्रामीणों को राहत मिली है। प्रवास के दौरान उप मुख्यमंत्री ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र किसकोड़ो का निरीक्षण भी किया।
ग्रामीण बोले— पहली बार शासन की चौपाल लगी
जनचौपाल में ग्रामीणों ने भावुक होकर कहा कि पहले यहां नक्सलियों की चौपाल लगती थी, लेकिन अब पहली बार राज्य के उप मुख्यमंत्री गांव पहुंचे हैं। उन्होंने इसे गांव के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया। ग्रामीणों ने कहा कि पहले शाम होते ही लोग घरों से निकलने से डरते थे और बच्चों को जबरन नक्सली संगठन में शामिल करने की कोशिश की जाती थी। आज वही गांव विकास और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।
जैविक खेती और वनोपज प्रसंस्करण पर भी दिया जोर
उप मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसानों को बेहतर प्रशिक्षण देकर उनका सर्टिफिकेशन कराया जाए और आसपास की पंचायतों को जोड़कर उत्पादों की ब्रांडिंग की जाए। साथ ही लघु वनोपज के प्रसंस्करण के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।
अधिकारी भी रहे मौजूद
इस अवसर पर कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश श्रीश्रीमाल, जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी, एडीएम ए.एस. पैकरा, एसडीएम राहुल रजक सहित अन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
