रायपुर | 27 जून 2026
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश में अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में जिला प्रशासन और खनिज विभाग की संयुक्त कार्रवाई में अवैध उत्खनन और परिवहन में संलिप्त 3 जेसीबी मशीनें और 3 ट्रैक्टर वाहन जब्त किए गए हैं। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायत के आधार पर की गई।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायत पर हुई कार्रवाई
जिले के देवराजपारा-सधवानी और बंधी-बचरवार क्षेत्र में मुरूम और मिट्टी के अवैध उत्खनन की शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और कलेक्टर के समक्ष दर्ज कराई गई थी। शिकायत मिलते ही कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन ने मामले का संज्ञान लेते हुए खनिज विभाग को तत्काल जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

अवैध उत्खनन और परिवहन में लगे 6 वाहन जब्त
जांच के दौरान देवराजपारा-सधवानी क्षेत्र से दो जेसीबी, बंधी-बचरवार क्षेत्र से एक जेसीबी, जबकि सिलपहरी क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन में लगे तीन ट्रैक्टर जब्त किए गए। जब्त किए गए सभी वाहनों को सुरक्षित रूप से पुलिस लाइन अमरपुर में रखा गया है।
‘अवैध खनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा’
कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन ने स्पष्ट कहा कि जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण जैसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निगरानी, सतत निरीक्षण और शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण हो और शासन को राजस्व की हानि न हो।
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वाहन मालिकों पर होगी कानूनी कार्रवाई
खनिज विभाग के अनुसार जब्त किए गए सभी वाहनों के मालिकों के विरुद्ध खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। नियमानुसार अर्थदंड और समझौता राशि जमा कराने के बाद ही संबंधित वाहनों को छोड़ा जाएगा।
खनिज उड़नदस्ता दल ने निभाई अहम भूमिका
इस कार्रवाई में सहायक खनिज अधिकारी आदित्य मानकर, खनिज निरीक्षक सुजीत कंवर, खनिज सिपाही शिवकुमार लहरे, नगर सैनिक सतीश साहू सहित जिला खनिज उड़नदस्ता दल के अन्य सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
अवैध खनन के खिलाफ सरकार का सख्त रुख
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, सुशासन, पारदर्शिता और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार का कहना है कि अवैध खनन के मामलों में शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति के तहत जनशिकायतों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
