रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य सरकार के प्रस्तावित “सुघ्घर छत्तीसगढ़” अभियान पर सवाल उठाते हुए भाजपा सरकार पर प्रदेश में बढ़ते अपराध, नशाखोरी, बेरोजगारी और प्रशासनिक अव्यवस्था का आरोप लगाया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Deepak Baij ने कहा कि ढाई वर्षों में सरकार जनता की मूल समस्याओं का समाधान नहीं कर सकी है, ऐसे में “सुघ्घर छत्तीसगढ़” अभियान केवल प्रचार तक सीमित दिखाई देता है।
सुशासन तिहार के बाद नया अभियान सवालों के घेरे में
कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि हाल ही में आयोजित सुशासन तिहार के दौरान विभिन्न स्थानों पर जनता की नाराजगी सामने आई थी। उनका आरोप है कि सरकार अब वास्तविक समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए नया अभियान शुरू करने जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई जनकल्याणकारी योजनाएं बंद हो चुकी हैं और आम लोगों के छोटे-छोटे काम भी सरकारी दफ्तरों में समय पर नहीं हो पा रहे हैं। राशन वितरण, बिजली आपूर्ति और रोजगार जैसे मुद्दों पर जनता परेशान है।
किसानों, बेरोजगारों और महिलाओं की समस्याएं उठाईं
कांग्रेस ने दावा किया कि किसान उर्वरक संकट से जूझ रहे हैं, जबकि बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर नहीं मिल रहे हैं। बैज ने आरोप लगाया कि प्रदेश में बिजली कटौती बढ़ी है और पेयजल व्यवस्था भी कई क्षेत्रों में प्रभावित है।
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी कांग्रेस ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाओं के कारण महिलाओं में असुरक्षा की भावना बढ़ी है।
स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में दवा, जांच और उपचार की सुविधाओं का अभाव है। वहीं शिक्षकों की भर्ती और अन्य रोजगार प्रक्रियाओं में भी अपेक्षित प्रगति नहीं दिखाई दे रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि डीएड अभ्यर्थी लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं, जबकि कई सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के हितग्राहियों को समय पर लाभ नहीं मिल पा रहा है।
अपराध और नशे को लेकर सरकार पर हमला
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराध और नशे की घटनाओं में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि हत्या, गोलीबारी और अवैध नशे के कारोबार से जुड़े मामलों ने कानून-व्यवस्था को चुनौती दी है।
कांग्रेस का कहना है कि सरकार को पहले इन मूलभूत समस्याओं का समाधान करना चाहिए, उसके बाद किसी बड़े जनअभियान की बात करनी चाहिए।
कांग्रेस की मांग
कांग्रेस ने राज्य सरकार से कानून-व्यवस्था मजबूत करने, किसानों को पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने, युवाओं को रोजगार देने, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने और जनहित की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की है।
