रायपुर।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश में धर्मांतरण को लेकर बढ़ रहे विवादों, सामाजिक तनाव और हिंसक घटनाओं के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता Surendra Verma ने कहा कि धर्मांतरण का मुद्दा अब कई जिलों में सामाजिक संघर्ष और विवाद का रूप ले चुका है, जो सरकार की विफलता को दर्शाता है।
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कांग्रेस का आरोप है कि बस्तर, कांकेर, नारायणपुर, कोंडागांव, बीजापुर, सुकमा, रायगढ़, कुनकुरी और सरगुजा सहित कई क्षेत्रों में धर्मांतरण को लेकर लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई है। पार्टी ने सवाल उठाया कि जब राज्य में नया धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू हो चुका है, तो उसके तहत प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है।
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प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि यदि कहीं भी अवैध या प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराया जा रहा है, तो उसे रोकना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे का समाधान करने के बजाय राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है, जिससे समाज में विभाजन और ध्रुवीकरण बढ़ रहा है।
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कांग्रेस ने यह भी कहा कि डर, दबाव या लालच के आधार पर कराया गया धर्मांतरण न केवल गैरकानूनी बल्कि असंवैधानिक भी है। पार्टी ने मांग की कि सरकार ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करे और समाज में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए।
कांग्रेस ने कहा कि तनाव, बहिष्कार, हिंसा और दंगा जैसी घटनाओं का लोकतांत्रिक समाज में कोई स्थान नहीं होना चाहिए तथा सरकार को कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
