बिलासपुर।
न्यायधानी बिलासपुर स्थित शासकीय पीजी कन्या पोस्ट मैट्रिक छात्रावास, बृहस्पति बाजार में छात्राओं और छात्रावास अधीक्षिका के बीच विवाद का मामला सामने आया है। छात्राओं ने अधीक्षिका पर विभिन्न अनियमितताओं और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं तथा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।न्यायधानी बिलासपुर स्थित शासकीय पीजी कन्या पोस्ट मैट्रिक छात्रावास, बृहस्पति बाजार में छात्राओं और छात्रावास अधीक्षिका के बीच विवाद का मामला सामने आया है। छात्राओं ने अधीक्षिका पर विभिन्न अनियमितताओं और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं तथा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
छात्राओं का कहना है कि वे छात्रावास में पढ़ाई और बेहतर भविष्य की उम्मीद लेकर आती हैं। ऐसे में यदि उन पर मानसिक दबाव बनाया जाता है या अन्य कार्यों में उलझाया जाता है, तो इसका असर उनके शैक्षणिक प्रदर्शन और मानसिक स्वास्थ्य दोनों पर पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रावास का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है, न कि उन्हें अतिरिक्त कार्यों के लिए बाध्य करना।

वीडियो में सामने आए बयान के अनुसार कुछ छात्राओं का आरोप है कि छात्रावास में उनसे ऐसे कार्य कराए जाते हैं जो उनके अध्ययन को प्रभावित करते हैं। छात्राओं का कहना है कि वर्तमान में उनकी परीक्षाएं चल रही हैं और ऐसे समय में अतिरिक्त दबाव उनके मानसिक स्वास्थ्य और पढ़ाई पर असर डाल रहा है।
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छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि छात्रावास में उपलब्ध संसाधनों और सुविधाओं के उपयोग को लेकर कई प्रकार की अनियमितताएं हो रही हैं। वहीं कुछ छात्राओं ने छात्रावास में भोजन व्यवस्था और अन्य सुविधाओं को लेकर भी असंतोष जताया है।
दूसरी ओर छात्रावास अधीक्षिका श्रीमती रीता भारती ने इन आरोपों पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वह पिछले लगभग 30 वर्षों से शासकीय सेवा में हैं तथा संबंधित छात्रावास में पिछले 7 वर्षों से कार्यरत हैं। उन्होंने अपने कार्यों को नियमानुसार बताया।
अधीक्षिका ने यह भी आरोप लगाया कि छात्रावास परिसर में पुरुषों का प्रवेश प्रतिबंधित होने के बावजूद कुछ स्थानीय पत्रकार जबरन छात्रावास में प्रवेश करने का प्रयास कर रहे थे। उनका दावा है कि विरोध करने पर उनके साथ दुर्व्यवहार भी किया गया।
फिलहाल मामला आरोप और प्रत्यारोप तक सीमित है। प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है। छात्राओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
