रायपुर।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा राजधानी रायपुर में आयोजित संगोष्ठी एवं पुरस्कार वितरण समारोह में वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रकृति का संरक्षण भारतीय संस्कृति का मूल मंत्र है और पर्यावरण की रक्षा प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव श्रीमती आर. संगीता विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा विकसित सीजी निगरानी पोर्टल, जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन पर आधारित फिल्म, मंडल की 25 वर्षों की उपलब्धियों की लघु फिल्म, नई वेबसाइट तथा ईको क्लब गतिविधियों पर आधारित स्मारिका का लोकार्पण किया गया।

मंत्री श्री चौधरी ने वृक्षारोपण को लेकर कहा कि केवल औपचारिकता के लिए पौधे लगाने के बजाय स्थानीय और पर्यावरणीय दृष्टि से उपयोगी वृक्षों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। पीपल, नीम, आम और अन्य देशी वृक्ष पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने बताया कि रायपुर कलेक्टर रहते हुए उन्होंने “पीपल फॉर पीपल” अभियान शुरू किया था। अब नवा रायपुर में 20 हजार से अधिक पीपल के पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में नवा रायपुर को ‘पीपल सिटी’ के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां हर दिशा में पीपल के वृक्ष दिखाई देंगे।

मंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल बड़े अभियानों से नहीं बल्कि छोटी-छोटी आदतों से शुरू होता है। बिजली की बचत, प्लास्टिक का कम उपयोग, पौधों की देखभाल और स्थानीय प्रजातियों के वृक्षारोपण जैसी आदतें समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं।
उन्होंने शिक्षकों और ईको क्लब समन्वयकों से बच्चों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता विकसित करने का आग्रह करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियों की सोच बदलकर ही पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में स्थायी परिवर्तन लाया जा सकता है।उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि रोजगार, नवाचार और उद्यमिता का भी बड़ा क्षेत्र बन चुका है। युवाओं को अपने करियर और व्यवसाय को सस्टेनेबिलिटी के सिद्धांतों से जोड़ना चाहिए।
