बस्तर |
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग जोन क्रमांक चार के आबकारी विभाग के अधिकारी कुंभकर्णीय निद्रा में इन दिनों सोते नजर आ रहे हैं।हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि आए दिन यह देखने को नजर आ रहा है कि बस्तर संभाग के जोन क्रम चार में शराब दुकानों में खुलेआम एमआरपी से अधिक कीमत वसूली जा रही है, दो सौ रुपए की कीमत की शराब दो सौ तीस में धड़ल्ले से बेची जा रही है।यहां यह बात भी सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि शराब में मिलावट भी जोरों पर है ।

प्राप्त जानकारी के अनुसार bombay integrated security limited विजय शर्मा को एजेंसी प्राप्त हुई है जो कि पूर्व में रायपुर जोन में काम ली थी, जिसमें तीन सौ पेटी मिलावट की शराब रायपुर में पकड़ी जा चुकी है, जिसका जुर्माना डेढ़ करोड़ रुपए एजेंसी को भरना पड़ा था ।

मुद्दे की बात तो यह है कि जिस एजेंसी के खिलाफ डेढ़ करोड़ रुपए का जुर्माना लग चुका है।मिलावटी शराब जब्त हो चुकी है उसी एजेंसी को फिर से काम देना सवालिया निशान विभाग पर लगा रहा है ।
कोचागिरी चरम पद दे रही दस्तक साफ तौर पर यह कहा जा सकता है कि लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ तो हो ही रहा है खुलेआम वसूली निरंतर जारी है । कायदों से तो कई सारे नियम कागजों पर दिखते हैं, पर जमीनी हकीकत बता रहा बस्तर के शराब दुकानों का ग्राउंड रिपोर्ट।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि न केवल ओवर रेटिंग बल्कि बिना होलोग्राम के शराब धड़ल्ले से बेची जा रही है।मध्य प्रदेश की शराब जहां बिक रही है होलोग्राम आज भी वहीं सप्लायर है वही दे रही है वही काम कर रही है वही वसूली जोरों पर है बिना होलोग्राम के बिक रहा है लोगों की जान माल को भी खतरा है।
छत्तीसगढ़ में अक्सर मिलावटी शराब पीने से मौत की खबर आए दिन मीडिया की सुर्खियों में देखने को मिलता है । जिम्मेदार कौन है? यह सबसे बड़ा सवाल?
क्या यह छत्तीसगढ़ की किस्मत बन चुका है या फिर ऐसी एजेंसियों पर होगी कार्यवाही? ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा ।
