Raipur।
राजधानी रायपुर स्थित Indira Gandhi Krishi Vishwavidyalaya में आयोजित 11वें दीक्षांत समारोह के दौरान मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने प्रदेश की सिंचाई व्यवस्था को लेकर बड़ा ऐलान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में वर्षों पुरानी कई सिंचाई योजनाएं जर्जर स्थिति में पहुंच चुकी हैं, जिनके सुधार के लिए सरकार ने 2800 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है।
इस अवसर पर कई विधायक, सांसद, जनप्रतिनिधि, विश्वविद्यालय के अधिकारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।दीक्षांत समारोह के दौरान विभिन्न संकायों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र, मेडल और सम्मान भी प्रदान किए गए।
समारोह में छात्रों ने दीक्षांत उपाधि प्राप्त की और अपने शैक्षणिक सफर की महत्वपूर्ण उपलब्धि का जश्न मनाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभागीय समीक्षा के दौरान यह जानकारी सामने आई कि प्रदेश में करीब 1500 सिंचाई योजनाएं ऐसी हैं, जिनकी हालत खराब हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि:
- कई नहरें टूटी हुई हैं
- कई जगहों पर सिल्ट जमा है
- कई परियोजनाओं के गेट खराब पड़े हैं

जिसके कारण सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो रही थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं की मरम्मत के लिए लगभग 3 हजार करोड़ रुपये की आवश्यकता बताई गई थी।उन्होंने कहा कि किसानों को राहत देने और खेती को मजबूत करने के उद्देश्य से सरकार ने एक साथ 2800 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं के पूरा होने के बाद प्रदेश में लगभग 76 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई रकबा बढ़ेगा।उन्होंने कहा कि इससे किसानों को खेती में बड़ा लाभ मिलेगा और कृषि उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेती, सिंचाई और कृषि शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कृषि क्षेत्र में नवाचार और तकनीक आधारित खेती को बढ़ावा देने की अपील भी की।
