सूरजपुर, 29 अक्टूबर 2026
दिव्यांगजनों के जीवन को सुगम बनाने और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से सूरजपुर जिला प्रशासन द्वारा विशेष पहल की जा रही है। इसके तहत दिव्यांग बच्चों की शिक्षा में आने वाली बाधाओं को दूर करने और जरूरतमंद दिव्यांगजनों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए निःशुल्क आकलन एवं मूल्यांकन शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। समग्र शिक्षा विभाग और भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) के सहयोग से आयोजित शिविरों में बच्चों की आवश्यकताओं का आकलन कर उन्हें निःशुल्क कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
कलेक्टर एवं मिशन संचालक समग्र शिक्षा श्रीमती रेना जमील तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं जिला परियोजना अधिकारी समग्र शिक्षा श्री विजेंद्र सिंह पाटले के मार्गदर्शन में रामानुजनगर एवं प्रेमनगर में विशेष आवश्यकता वाले 6 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए आकलन एवं मूल्यांकन शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में कुल 66 बच्चों का चिन्हांकन किया गया है। एलिम्को के विशेषज्ञ डॉ. नजमुल फकीर (प्रोस्थेटिक्स एवं ऑर्थोटिक्स) और डॉ. सूरजपाल सिंह (ऑडियोलॉजिस्ट) ने बच्चों की शारीरिक एवं श्रवण संबंधी आवश्यकताओं का परीक्षण किया। मूल्यांकन के आधार पर बच्चों को उनकी जरूरत के अनुरूप कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे उन्हें दैनिक गतिविधियों के साथ-साथ शैक्षणिक कार्यों में भी सुविधा मिल सकेगी।
दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग, कैलिपर्स एवं अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए समाज कल्याण विभाग और एलिम्को के सहयोग से प्रेमनगर एवं ओड़गी विकासखंड में भी शिविर आयोजित किए गए। 28 अक्टूबर को प्रेमनगर में आयोजित शिविर में कुल 142 दिव्यांगजनों का पंजीयन किया गया। इनमें से 17 दिव्यांगजनों के लिए कृत्रिम अंग एवं कैलिपर्स निर्माण की प्रक्रिया की गई, जबकि 45 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरण के लिए चिन्हांकित किया गया। इसी क्रम में 29 अक्टूबर को ओड़गी विकासखंड में आयोजित शिविर में 70 दिव्यांगजनों का पंजीयन हुआ। यहां 14 दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं कैलिपर्स लगाए गए तथा 30 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए चिन्हांकित किया गया। इस प्रकार प्रेमनगर एवं ओड़गी के शिविरों में कुल 212 दिव्यांगजनों का पंजीयन किया गया।
शिविरों के माध्यम से पात्र दिव्यांगजनों और बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुसार उपकरण उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा इस अभियान को आगे बढ़ाते हुए जिले के विभिन्न विकासखंडों एवं नगरीय क्षेत्रों में आगामी शिविरों की तिथियां भी निर्धारित की गई हैं। 30 अक्टूबर को मंगल भवन, प्रतापपुर में जनपद पंचायत तथा नगर पंचायत प्रतापपुर, जरही एवं भटगांव क्षेत्र के लिए शिविर आयोजित होगा। इसी तरह 4 नवंबर को मंगल भवन, भैयाथान में, 5 नवंबर को सामुदायिक भवन, कौशलपुर (रामानुजनगर) में तथा 6 नवंबर को मंगल भवन, सूरजपुर में संबंधित जनपद एवं नगरीय निकाय क्षेत्रों के दिव्यांगजनों के लिए शिविर लगाए जाएंगे।
शिविर में शामिल होने वाले पात्र दिव्यांगजन अपने साथ दिव्यांगता प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, यूडीआईडी कार्ड, आय प्रमाण पत्र अथवा बीपीएल राशन कार्ड तथा पासपोर्ट साइज के दो फोटो लेकर निर्धारित तिथि एवं स्थल पर पहुंचें। प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर पात्रता का परीक्षण किया जाएगा और आवश्यकता के अनुसार कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरणों के लिए चिन्हांकन किया जाएगा। जिन दिव्यांगजनों के दिव्यांगता प्रमाण पत्र अभी तक नहीं बने हैं, उनके संबंध में ग्राम पंचायत सचिवों को सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।
जिला प्रशासन की इस पहल से दिव्यांगजनों को आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने के साथ ही उनके दैनिक जीवन को आसान बनाने, शिक्षा में सहभागिता बढ़ाने और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किया जा रहा है।
