जांजगीर-चांपा, 29 अक्टूबर 2026
जनगणना 2027 के द्वितीय चरण की तैयारियों को गति देने और कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से जांजगीर-चांपा जिले में चार दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे के निर्देशन एवं संयुक्त कलेक्टर श्री संदीप ठाकुर के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न चार्ज क्षेत्रों के चार्ज अधिकारी, अतिरिक्त चार्ज अधिकारी, जनगणना लिपिक एवं तकनीकी सहायकों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण कार्यक्रम दो बैचों में संपन्न हुआ, जिसमें प्रत्येक बैच को दो-दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षक एवं नोडल अधिकारी श्री कैलाश पंडा तथा श्री विशाल दीक्षित ने जनगणना 2027 के द्वितीय चरण की कार्यप्रणाली, प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका एवं जिम्मेदारियों और जनगणना से जुड़ी तकनीकी प्रक्रियाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सीएमएमएस पोर्टल, ईबी क्रिएटर, पीई मोबाइल ऐप और स्व-गणना की प्रक्रिया का सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही गणना ब्लॉकों के सीमांकन, डिजिटल माध्यम से आंकड़ों के संकलन, जनगणना प्रश्नावली तथा डेटा की शुद्धता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के आवश्यक तरीकों से अवगत कराया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनगणना प्रश्नावली के प्रश्न क्रमांक 1 से 40 तक की जानकारी संकलित करने की प्रक्रिया पर विशेष चर्चा की गई। इसके अलावा प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण, मकानों और परिवारों से संबंधित विवरण एकत्र करने, जनगणना के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रचार-प्रसार गतिविधियों तथा निर्धारित समय-सीमा में कार्य को प्रभावी ढंग से पूरा करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन दिया गया।
प्रशिक्षकों ने जनगणना कार्य के दौरान सामने आने वाली संभावित व्यावहारिक चुनौतियों और उनके समाधान के संबंध में भी जानकारी साझा की। प्रशिक्षणार्थियों को तकनीकी प्रक्रियाओं के सही उपयोग, आंकड़ों के व्यवस्थित संकलन और उनकी गुणवत्ता बनाए रखने के लिए आवश्यक सावधानियों से अवगत कराया गया।
चार दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण के माध्यम से संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जनगणना 2027 के द्वितीय चरण के सफल संचालन के लिए आवश्यक प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। इस प्रशिक्षण से जिले में जनगणना संबंधी तैयारियों को व्यवस्थित करने और आगामी कार्यों को बेहतर समन्वय के साथ संपन्न कराने में सहायता मिलेगी।
