जांजगीर, 04 अक्टूबर 2026
जांजगीर में औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के समन्वय और विभागीय मार्गदर्शन में कार्यशाला आयोजित की गई। श्रम एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यशाला में जिले के विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इसमें निर्माण कार्यों में सुरक्षा प्रबंधन, जोखिम नियंत्रण, सुरक्षित कार्यप्रणाली और दुर्घटनाओं की रोकथाम के उपायों पर चर्चा की गई।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को सीपीआर और जीवन रक्षक प्राथमिक चिकित्सा तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। सुरक्षित कार्यस्थल और स्वस्थ कार्यबल के लिए जरूरी सावधानियों पर जानकारी साझा करते हुए उद्योगों में मजबूत सुरक्षा संस्कृति विकसित करने पर जोर दिया गया।
जिले के विभिन्न उद्योगों से आए प्लांट प्रमुख, सुरक्षा प्रमुख और मानव संसाधन प्रमुखों ने कार्यस्थल की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था को और प्रभावी बनाने को लेकर अपने अनुभव और सुझाव साझा किए। चर्चा के दौरान उद्योगों के बीच सुरक्षा से जुड़ी बेहतर कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान की जरूरत पर भी जोर दिया गया।
सहायक निदेशक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, जांजगीर-चांपा ने कार्यस्थल पर स्वास्थ्य और सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए दुर्घटनाओं की रोकथाम को सामूहिक जिम्मेदारी बताया। उन्होंने उद्योगों से सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और कार्यस्थल पर ‘शून्य दुर्घटना’ के लक्ष्य की दिशा में लगातार प्रयास करने का आह्वान किया।
आयोजकों के अनुसार जिले के अन्य उद्योगों में भी इस तरह की कार्यशालाएं नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी। इनका उद्देश्य निर्माण गतिविधियों के दौरान दुर्घटनाओं की रोकथाम के साथ उद्योगों में ऐसी कार्यसंस्कृति विकसित करना है, जिसमें सुरक्षित कार्यस्थल, स्वस्थ कार्यबल और शून्य दुर्घटना को साझा लक्ष्य बनाया जा सके।
