बालोद , 4 अक्टूबर 2026
छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने बालोद प्रवास के दौरान आदिम जाति विकास विभाग द्वारा संचालित शासकीय पोस्ट मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने छात्रावास की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ छात्राओं से सीधे संवाद कर उनकी पढ़ाई, रहन-सहन, सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं की जानकारी ली।
बातचीत के दौरान छात्राओं ने पढ़ाई में अतिरिक्त सहयोग के लिए ट्यूशन शिक्षक उपलब्ध कराने की मांग रखी। इसके साथ ही उन्होंने कंप्यूटर और पुस्तकालय की सुविधा की जरूरत भी बताई। डॉ. शर्मा ने छात्राओं की मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और उनकी शैक्षणिक आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान देने की बात कही।
उन्होंने छात्राओं को नियमित रूप से मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रेरित किया। डॉ. शर्मा ने कहा कि शिक्षा के माध्यम से छात्राएं आगे बढ़कर देश और प्रदेश का नाम रोशन कर सकती हैं।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने छात्रावास के बालिका कक्षों, बाथरूम और सेनेटरी वेंडिंग मशीन की स्थिति भी देखी। उन्होंने छात्राओं के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण बनाए रखने पर जोर दिया। छात्रावास अधीक्षिका और संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं के बेहतर रखरखाव तथा छात्राओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं पर लगातार ध्यान देने के निर्देश दिए।
डॉ. शर्मा ने छात्राओं की सुरक्षा, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि छात्राओं की समस्याओं और जरूरतों को गंभीरता से लेते हुए उनके निराकरण की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।
निरीक्षण के दौरान छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन श्री तोमन साहू सहित संबंधित विभागीय अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
