रायपुर, 27 सितंबर 2026
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के ग्राम गोटाटोला की नीरा बाई कुम्भकार ने अपने पारंपरिक हुनर को स्वरोजगार का आधार बनाकर आत्मनिर्भरता की राह पकड़ी है। नवदुर्गा स्वसहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आर्थिक सहयोग और ऋण की सुविधा मिली, जिसका उपयोग उन्होंने मिट्टी के बर्तन बनाने के काम को विस्तार देने में किया। आज इसी व्यवसाय से उन्हें हर माह लगभग 12 हजार रुपये की आय हो रही है।
नीरा बाई लंबे समय से मिट्टी के बर्तन बनाने के पारंपरिक कार्य से जुड़ी रही हैं। स्वसहायता समूह का हिस्सा बनने के बाद उन्हें अपने काम को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक संसाधन जुटाने का अवसर मिला। समूह के माध्यम से उन्होंने करीब एक लाख रुपये का ऋण लिया और उसका उपयोग उत्पादन बढ़ाने तथा व्यवसाय के लिए जरूरी संसाधन जुटाने में किया।

मिट्टी को आकार देकर उपयोगी और आकर्षक बर्तन तैयार करने का उनका हुनर अब परिवार की आर्थिक मजबूती में भी योगदान दे रहा है। स्वरोजगार के जरिए प्राप्त आय से वे परिवार की जरूरतों को पूरा करने में आर्थिक सहयोग कर रही हैं। लगातार मेहनत के साथ पारंपरिक कौशल को व्यवसाय से जोड़ने के कारण उनकी आमदनी का एक स्थायी जरिया तैयार हुआ है।
नीरा बाई बताती हैं कि स्वसहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके पारंपरिक काम को आगे बढ़ाने के लिए उन्हें आर्थिक सहायता और नया अवसर मिला। समूह से मिली मदद से वे अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकीं और अपने पैरों पर खड़े होकर परिवार को आर्थिक संबल देने में सक्षम हुईं।
सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से महिलाओं को उनके पारंपरिक कौशल और स्थानीय संसाधनों से जोड़कर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। नीरा बाई की कहानी भी इसी बदलाव को दर्शाती है, जहां पारंपरिक हुनर को आर्थिक गतिविधि का रूप देकर उन्होंने अपनी आय बढ़ाने के साथ आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास को मजबूत किया है।
नीरा बाई ने महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने वाली योजनाओं और सहयोग के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।
