रायपुर, 04 सितंबर 2026
धमतरी में बारिश के पानी को बहकर बर्बाद होने से रोकने के लिए 357 नई जल संरचनाएं तैयार की जा रही हैं। वीबी-जी रामजी योजना के तहत सामुदायिक जल स्रोतों पर बनाए जाने वाले इन रिचार्ज पिट्स का मकसद वर्षा जल को फिल्टर कर जमीन के भीतर पहुंचाना और भू-जल स्तर को मजबूत करना है। प्रशासन ने सभी 357 कार्यों को मंजूरी दे दी है और कई स्थानों पर निर्माण भी शुरू हो चुका है।
रिचार्ज पिट्स में सैंड फिल्टर तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। बारिश के दौरान जमा होने वाले पानी को इस संरचना से गुजारकर जमीन में पहुंचाया जाएगा। इससे पानी का प्राकृतिक पुनर्भरण होगा और लंबे समय में आसपास के कुओं, हैंडपंपों और नलकूपों में जल उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है।
धमतरी की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में खेती की बड़ी भूमिका है और कृषि के लिए भू-जल महत्वपूर्ण स्रोत है। ऐसे में मानसून के दौरान खेतों और बस्तियों से निकलने वाले पानी को स्थानीय स्तर पर रोककर जमीन में पहुंचाने की व्यवस्था किसानों और ग्रामीण आबादी के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। खासकर ग्रामीण और आदिवासी बहुल क्षेत्रों में इसका असर जल स्रोतों की स्थिति पर देखने को मिल सकता है।
इन कार्यों को केवल निर्माण तक सीमित न रखते हुए प्रशासन ने उनकी गुणवत्ता और प्रगति की निगरानी भी शुरू कर दी है। कलेक्टर के निर्देश पर तकनीकी और मैदानी अमला रिचार्ज पिट्स के निर्माण की नियमित जांच कर रहा है। अधिकारियों को तकनीकी मानकों का पालन करने और निर्धारित समय में काम पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के मुताबिक, सभी 357 रिचार्ज पिट्स को तय समय-सीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उनका कहना है कि इन संरचनाओं के जरिए बारिश के पानी को स्थानीय स्तर पर सहेजने के साथ भू-जल पुनर्भरण को बढ़ावा मिलेगा।
धमतरी में शुरू की गई यह पहल आने वाले वर्षों में जल उपलब्धता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। बारिश के पानी को तेजी से बह जाने देने के बजाय उसे जमीन में लौटाने की व्यवस्था से भू-जल संरक्षण को स्थायी आधार मिलने की उम्मीद है। 357 रिचार्ज पिट्स के जरिए जिले में जल सुरक्षा की दिशा में एक साथ बड़े पैमाने पर काम शुरू हुआ है।
