धमतरी, 04 सितंबर 2026
गांवों में अब महिलाओं की आवाज सिर्फ घर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि घरेलू हिंसा, नशामुक्ति, लैंगिक भेदभाव और ग्रामसभा में भागीदारी जैसे मुद्दों पर महिलाएं खुलकर सवाल उठाएंगी और समाधान पर चर्चा करेंगी। धमतरी जिले में 9 सितंबर से 13 अक्टूबर तक संकुल स्तर पर ‘जेंडर सभा’ आयोजित की जाएगी, जिसे महिलाओं की छोटी संसद के रूप में तैयार किया गया है।
इन सभाओं में महिलाओं को केवल श्रोता की भूमिका में नहीं रखा जाएगा। निर्धारित 20 सामाजिक मुद्दों में से कम से कम पांच विषयों पर बहस, वाद-विवाद और विभिन्न प्रतियोगिताएं होंगी। घरेलू हिंसा और नशे के खिलाफ जागरूकता से लेकर जीवन के अलग-अलग चरणों में होने वाले लैंगिक भेदभाव और ग्रामसभा में महिलाओं की भागीदारी जैसे विषय चर्चा के केंद्र में रहेंगे।
कार्यक्रम को केवल भाषण और चर्चा तक सीमित रखने के बजाय रचनात्मक गतिविधियों से भी जोड़ा गया है। सांप-सीढ़ी, नुक्कड़ नाटक और अन्य प्रतियोगिताओं के जरिए सामाजिक समस्याओं को सामने लाया जाएगा, ताकि महिलाएं मुद्दों को समझने के साथ अपनी बात प्रभावी तरीके से रख सकें।
जेंडर सभाओं का एक प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं में नेतृत्व और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करना है। उन्हें गांव और परिवार से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाने, सामूहिक रूप से समाधान तलाशने और स्थानीय स्तर पर निर्णय प्रक्रिया में अपनी भागीदारी बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाली टीमों को सम्मानित किया जाएगा। संकुल स्तर के बाद अक्टूबर के पहले सप्ताह में ब्लॉक स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले संकुल का चयन होगा। इसके बाद चयनित टीमें अक्टूबर के मध्य में होने वाले जिला स्तरीय फाइनल में हिस्सा लेंगी।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, जिला पंचायत धमतरी और यूनिसेफ के सहयोग से आयोजित यह पहल ग्रामीण महिलाओं को सरकारी योजनाओं के लाभार्थी की भूमिका से आगे बढ़ाकर गांव के सामाजिक और विकास संबंधी फैसलों में सक्रिय भागीदार बनाने की दिशा में प्रयास है।
