विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता और विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाना सर्वोच्च प्राथमिकता – राज्यपाल रमेन डेका
रायपुर, 01 सितंबर 2026
राज्यपाल रमेन डेका ने प्रदेश के विभिन्न शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों की बैठक लेकर शैक्षणिक गुणवत्ता, विद्यार्थियों की संख्या, रिक्त पदों की पूर्ति, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन, नैक-एनआईआरएफ रैंकिंग तथा नवाचार एवं स्टार्टअप गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने विश्वविद्यालयों में सीटों के अनुपात में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने और शैक्षणिक गुणवत्ता में लगातार सुधार के निर्देश दिए।
राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों में जहां भी व्यवस्थागत कमियां हैं, उन्हें दूर किया जाए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ सभी विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश देते हुए नियुक्तियों में स्थानीय योग्य एवं प्रतिभाशाली लोगों को अवसर देने पर भी जोर दिया।
राज्यपाल डेका ने विश्वविद्यालयों की नैक (NAAC) और एनआईआरएफ (NIRF) रैंकिंग की समीक्षा करते हुए प्रत्येक विश्वविद्यालय को रैंकिंग सुधार के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बेहतर रैंकिंग के लिए शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध और संस्थागत व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाना जरूरी है।

उन्होंने विश्वविद्यालयों को आसपास के गांवों को गोद लेकर वहां नवाचार और स्टार्टअप गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। विश्वविद्यालयों के ज्ञान, विशेषज्ञता और संसाधनों का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने तथा विद्यार्थियों को स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए नवाचार और उद्यमिता से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। साथ ही ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत’ संकल्प अभियान में युवाओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने और विद्यार्थियों को खेलकूद के लिए प्रोत्साहित करने को कहा।
राज्यपाल ने परीक्षा व्यवस्था को निष्पक्ष, पारदर्शी और लीक-प्रूफ बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने सभी विश्वविद्यालयों में इंटरनल ऑडिट अनिवार्य रूप से कराने, इंटरनल कमेटी गठित करने तथा परीक्षा नियंत्रकों की आधिकारिक नियुक्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आयुष विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित निजी मेडिकल कॉलेजों की व्यवस्थाओं पर भी निर्धारित मानकों और नियमों के अनुरूप विशेष ध्यान देने को कहा।
बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, कृषि उत्पादन आयुक्त एवं कृषि विभाग के सचिव डॉ. सिद्धार्थ कोमल परदेशी, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव अविनाश चंपावत, चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त रितेश अग्रवाल सहित संबंधित अधिकारी और प्रदेश के विभिन्न शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलसचिव उपस्थित रहे।रायपुर, 01 सितंबर 2026
राज्यपाल रमेन डेका ने प्रदेश के विभिन्न शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों की बैठक लेकर शैक्षणिक गुणवत्ता, विद्यार्थियों की संख्या, रिक्त पदों की पूर्ति, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन, नैक-एनआईआरएफ रैंकिंग तथा नवाचार एवं स्टार्टअप गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने विश्वविद्यालयों में सीटों के अनुपात में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने और शैक्षणिक गुणवत्ता में लगातार सुधार के निर्देश दिए।
राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों में जहां भी व्यवस्थागत कमियां हैं, उन्हें दूर किया जाए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ सभी विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश देते हुए नियुक्तियों में स्थानीय योग्य एवं प्रतिभाशाली लोगों को अवसर देने पर भी जोर दिया।
राज्यपाल डेका ने विश्वविद्यालयों की नैक (NAAC) और एनआईआरएफ (NIRF) रैंकिंग की समीक्षा करते हुए प्रत्येक विश्वविद्यालय को रैंकिंग सुधार के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बेहतर रैंकिंग के लिए शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध और संस्थागत व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाना जरूरी है।
उन्होंने विश्वविद्यालयों को आसपास के गांवों को गोद लेकर वहां नवाचार और स्टार्टअप गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। विश्वविद्यालयों के ज्ञान, विशेषज्ञता और संसाधनों का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने तथा विद्यार्थियों को स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए नवाचार और उद्यमिता से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। साथ ही ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत’ संकल्प अभियान में युवाओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने और विद्यार्थियों को खेलकूद के लिए प्रोत्साहित करने को कहा।
राज्यपाल ने परीक्षा व्यवस्था को निष्पक्ष, पारदर्शी और लीक-प्रूफ बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने सभी विश्वविद्यालयों में इंटरनल ऑडिट अनिवार्य रूप से कराने, इंटरनल कमेटी गठित करने तथा परीक्षा नियंत्रकों की आधिकारिक नियुक्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आयुष विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित निजी मेडिकल कॉलेजों की व्यवस्थाओं पर भी निर्धारित मानकों और नियमों के अनुरूप विशेष ध्यान देने को कहा।
बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, कृषि उत्पादन आयुक्त एवं कृषि विभाग के सचिव डॉ. सिद्धार्थ कोमल परदेशी, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव अविनाश चंपावत, चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त रितेश अग्रवाल सहित संबंधित अधिकारी और प्रदेश के विभिन्न शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलसचिव उपस्थित रहे।
