रायपुर, 01 सितंबर 2026
रायगढ़ जिले में वर्षा जल के बेहतर प्रबंधन, मिट्टी के कटाव पर नियंत्रण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच एवं कंटूर ट्रेंच निर्माण की पहल शुरू की गई है। ढलान वाले क्षेत्रों में बनाई जाने वाली ये संरचनाएं बारिश के पानी की तेज रफ्तार को नियंत्रित करने के साथ उसे धीरे-धीरे जमीन में समाहित करने में मदद करेंगी। इससे खेतों में नमी बनी रहेगी और भूमि की उत्पादकता को संरक्षित करने में सहायता मिलेगी।
जिले में कुल 16 हजार 873 ट्रेंच निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लगभग 38.27 एकड़ क्षेत्र में बनने वाली इन जल संरक्षण संरचनाओं के लिए 52.55 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। योजना के तहत रायगढ़, खरसिया और तमनार विकासखंड की विभिन्न ग्राम पंचायतों में कुल 28 कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें रायगढ़ विकासखंड में 6, खरसिया में 16 और तमनार विकासखंड में 6 कार्य शामिल हैं।
स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच और कंटूर ट्रेंच विशेष रूप से ऐसे स्थानों पर बनाए जाते हैं, जहां बारिश के दौरान पानी ढलान से तेजी से नीचे की ओर बहता है। ट्रेंच के माध्यम से पानी के बहाव को रोककर उसे धीरे-धीरे जमीन में उतारने का अवसर मिलता है। इससे मिट्टी का कटाव कम होने के साथ भू-जल पुनर्भरण को बढ़ावा मिलेगा और भूमि में नमी लंबे समय तक बनी रह सकेगी।
इन जल संरक्षण कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ रोजगार के अवसर भी पैदा हो रहे हैं। श्रम आधारित गतिविधियों और ग्रामीणों की भागीदारी से किए जा रहे इन कार्यों से स्थानीय परिवारों को आजीविका का साधन मिल रहा है। साथ ही जल, जंगल और जमीन के संरक्षण को लेकर ग्रामीण समुदाय की भागीदारी भी मजबूत हो रही है।
ढलानों पर बनाई जा रही ये छोटी-छोटी जल संरचनाएं आने वाले समय में खेतों और गांवों के लिए बड़े बदलाव का आधार बन सकती हैं। जल और मिट्टी के संरक्षण के साथ भूमि की उत्पादकता बनाए रखने की यह पहल रायगढ़ जिले में प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, जल संरक्षण और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
