रायपुर, 1 सितंबर 2026
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के विशेष प्रयासों से भटगांव विधानसभा क्षेत्र के किसानों की वर्षों पुरानी मांग पूरी हो गई है। सूरजपुर जिले के भैयाथान विकासखंड के ग्राम बुंदिया एवं बड़सरा में नवीन धान उपार्जन केंद्र खोलने को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इस संबंध में विधिवत आदेश भी जारी कर दिया गया है। दोनों केंद्रों की स्थापना खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 सहित आगामी वर्षों के लिए की जाएगी।
क्षेत्र के किसानों द्वारा लंबे समय से अपने गांव के आसपास धान खरीदी केंद्र शुरू किए जाने की मांग की जा रही थी। किसानों का कहना था कि वर्तमान में उन्हें धान बेचने के लिए दूर स्थित उपार्जन केंद्रों तक अपनी उपज ले जानी पड़ती है। इससे न केवल अतिरिक्त समय लगता है, बल्कि ट्रैक्टर एवं अन्य परिवहन साधनों का किराया भी देना पड़ता है। विशेषकर अधिक मात्रा में धान की उपज होने पर किसानों पर परिवहन का अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ता था।
भटगांव विधानसभा क्षेत्र के भ्रमण के दौरान ग्रामीणों और किसानों ने अपनी इस समस्या से मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े को अवगत कराया था। किसानों की मांग को गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री दयाल दास बघेल को पत्र लिखकर ग्राम बुंदिया एवं बड़सरा में नवीन धान उपार्जन केंद्र खोलने की स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया था। मंत्री के प्रयासों और किसानों की आवश्यकता को देखते हुए शासन ने दोनों स्थानों पर नए उपार्जन केंद्र स्थापित करने की मंजूरी प्रदान कर दी है।
बुंदिया और बड़सरा में स्थापित होंगे नए केंद्र
शासन से मिली स्वीकृति के अनुसार ग्राम बुंदिया में आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित बतरा के अंतर्गत नवीन धान उपार्जन केंद्र स्थापित किया जाएगा। वहीं ग्राम बड़सरा में आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित शिवप्रसादनगर के अंतर्गत धान खरीदी केंद्र का संचालन किया जाएगा। इन केंद्रों के शुरू होने से आसपास के गांवों के किसानों को अपनी धान की उपज बेचने के लिए लंबी दूरी तय करने से राहत मिलेगी।
किसानों के समय और परिवहन खर्च की होगी बचत
नए धान उपार्जन केंद्र शुरू होने से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए दूर-दराज के खरीदी केंद्रों तक धान ले जाने की आवश्यकता काफी हद तक कम हो जाएगी। इससे किसानों के ट्रैक्टर किराए, परिवहन और अन्य खर्चों में कमी आएगी। साथ ही धान को दूर तक ले जाने में लगने वाले समय और श्रम की भी बचत होगी।
स्थानीय स्तर पर धान की तुलाई और उपार्जन की सुविधा उपलब्ध होने से किसानों के लिए खरीदी प्रक्रिया अधिक आसान और सुविधाजनक होगी। किसानों को अपनी उपज के साथ लंबी दूरी तय करने की परेशानी से राहत मिलेगी और धान खरीदी के दौरान स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
किसानों में खुशी, मंत्री के प्रति जताया आभार
बुंदिया और बड़सरा में नवीन धान उपार्जन केंद्रों की स्वीकृति मिलने से क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। किसानों ने मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लंबे समय से चली आ रही उनकी मांग अब पूरी होने जा रही है। नजदीक ही धान खरीदी केंद्र उपलब्ध होने से उन्हें अपनी उपज बेचने में काफी सुविधा मिलेगी और अतिरिक्त परिवहन खर्च से भी राहत मिलेगी।
किसानों ने शासन के इस निर्णय को क्षेत्र के अन्नदाताओं के हित में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर धान उपार्जन केंद्र खुलने से खरीफ सीजन में धान बेचने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सुगम होगी। नए केंद्रों की स्थापना से न केवल किसानों को तत्काल राहत मिलेगी, बल्कि क्षेत्र में कृषि गतिविधियों को भी बेहतर समर्थन मिलने की उम्मीद है।
