दंतेवाड़ा/रायपुर, 13 अगस्त 2026।
बस्तर तिरंगा यात्रा के दूसरे दिन उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा और वन मंत्री श्री केदार कश्यप दंतेवाड़ा के श्यामगिरी पहुंचे। यहां उन्होंने 2019 की नक्सली घटना के स्थल पर पहुंचकर शहीद पूर्व विधायक स्वर्गीय श्री भीमा मंडावी सहित शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मंत्री द्वय ने अरनपुर और श्यामगिरी की घटनाओं में शहीद हुए 13 वीरों की स्मृति में पौधरोपण किया। साथ ही घटना स्थल से मिट्टी भी एकत्रित कर संग्रहित की गई। इस दौरान शहीद परिवारों से मुलाकात कर उन्हें मिल रही सुविधाओं की जानकारी भी ली गई।
‘बस्तर की जनता जीती, नक्सलवाद हारा’
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर के लोगों ने नक्सल हिंसा के खिलाफ लंबे समय तक संघर्ष किया है। उन्होंने कहा कि कई लोगों की शहादत के बाद आज बस्तर में तिरंगा पूरे सम्मान और गर्व के साथ लहराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि “बस्तर की जनता जीत गई और नक्सलवाद हार गया।” बस्तर के लोगों के संकल्प और सुरक्षा बलों के साहस से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई संभव हुई है।
हर घर तिरंगा लगाने की अपील
उपमुख्यमंत्री और वन मंत्री ने लोगों से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने-अपने घरों में तिरंगा लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जो लोग तिरंगा यात्रा में शामिल नहीं हो पा रहे हैं, वे सोशल मीडिया के माध्यम से भी तिरंगे के सम्मान और राष्ट्रभक्ति का संदेश साझा करें।
शहीद भीमा मंडावी के नाम पर होगा मार्ग
ग्रामीणों की मांग पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने नकुलनार से बचेली मार्ग का नाम शहीद भीमा मंडावी के नाम पर किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही। उन्होंने इस संबंध में आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने के लिए कलेक्टर को निर्देशित किया।
बिहान समूह की महिलाओं से संवाद
श्यामगिरी में उपमुख्यमंत्री ने बिहान स्व-सहायता समूह की महिलाओं से भी संवाद किया। उन्होंने महिलाओं को लघु वनोपज प्रसंस्करण का प्रशिक्षण लेकर स्वरोजगार से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। साथ ही ‘छत्तीसकला’ ब्रांड के माध्यम से शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सहायता का लाभ उठाने की अपील की।
बस्तर पंडुम विजेताओं से भी मिले मंत्री
कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री और वन मंत्री ने राष्ट्रपति भवन से लौटे बस्तर पंडुम विजेता अरनपुर के मांदरी दल की महिलाओं से भी मुलाकात की। दोनों मंत्रियों ने महिलाओं की उपलब्धि की सराहना की और उनसे आत्मीय संवाद किया।
बस्तर तिरंगा यात्रा के जरिए नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में राष्ट्रभक्ति, शांति, शहीदों के सम्मान और विकास का संदेश पहुंचाया जा रहा है। श्यामगिरी में आयोजित कार्यक्रम ने बस्तर के संघर्ष और बदलते दौर की तस्वीर को एक साथ सामने रखा।
