रायपुर | 13 अगस्त 2026
बस्तर में राष्ट्रभक्ति, शांति और विकास का संदेश लेकर निकली ‘बस्तर तिरंगा यात्रा 2026’ के दूसरे दिन यात्रा की शुरुआत दंतेवाड़ा से हुई। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा और वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने मां दंतेश्वरी मंदिर पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की और इसके बाद दंतेवाड़ा बस स्टैंड से तिरंगा यात्रा को आगे बढ़ाया।
मां दंतेश्वरी की पूजा के बाद शुरू हुआ तिरंगा सफर
दूसरे दिन की यात्रा की शुरुआत धार्मिक आस्था और राष्ट्रभक्ति के संगम के साथ हुई। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने मां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।
इसके बाद दंतेवाड़ा बस स्टैंड में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के बीच तिरंगा यात्रा को लेकर उत्साह देखने को मिला।
211 वीर जवानों को किया नमन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने दंतेवाड़ा जिले के 211 सर्वोच्च बलिदानी जवानों को श्रद्धांजलि और नमन किया।
उन्होंने कहा कि बस्तर की जनता, समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों के सहयोग से नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई को मजबूती मिली और आज नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में बड़ी सफलता हासिल हुई है।
उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्रा ऐसे इलाकों से गुजर रही है, जहां कभी नक्सली आतंक के कारण पहुंचना भी मुश्किल था। आज उन्हीं क्षेत्रों में पूरे गर्व और उत्साह के साथ तिरंगा लहराया जा रहा है।
वन मंत्री ने की हर घर तिरंगा लगाने की अपील
वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है।
उन्होंने आम नागरिकों से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने-अपने घरों में तिरंगा लगाने और ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाने की अपील की।
सांसद बोले—ऐतिहासिक गर्व का क्षण
बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप ने तिरंगा यात्रा को बस्तर के लिए ऐतिहासिक गर्व का क्षण बताया।
उन्होंने कहा कि यह यात्रा उन इलाकों से गुजर रही है, जहां कभी देश की रक्षा करते हुए जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था और नक्सल आतंक के कारण आम लोगों का पहुंचना मुश्किल था।
सांसद ने कहा कि अब इन क्षेत्रों में विकास और राष्ट्रभक्ति का नया वातावरण दिखाई दे रहा है।
नक्सल प्रभावित इलाकों में पहुंच रहा तिरंगा
बस्तर तिरंगा यात्रा का सबसे बड़ा संदेश यही है कि जिन इलाकों में कभी हिंसा और भय का माहौल था, वहां अब तिरंगा, विकास और लोकतांत्रिक व्यवस्था की मौजूदगी दिखाई दे रही है।
यात्रा के जरिए शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ने का संदेश दिया जा रहा है।
