बिलासपुर। आदिम जाति विकास, अनुसूचित जाति विकास, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने बिलासपुर प्रवास के दौरान विभागीय योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मंथन सभाकक्ष में आयोजित बैठक में बिलासपुर संभाग के सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, परियोजना प्रशासक और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
समय-सीमा में छात्रवृत्ति स्वीकृति पर जोर
प्रमुख सचिव ने विद्यार्थियों के हित में छात्रवृत्ति की स्वीकृति निर्धारित समय-सीमा में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए संस्था प्रमुखों की बैठक जल्द आयोजित करने को कहा।
बैठक में 13 से 15 अगस्त तक आदि सेवा केंद्रों में आयोजित होने वाली जनसुनवाई की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों और मैदानी अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर जनसुनवाई को प्रभावी तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए।
PM-JANMAN और धरती आबा अभियान की समीक्षा
सोनमणि बोरा ने PM-JANMAN योजना के तहत दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के लिए बनाए जा रहे बहुउद्देशीय केंद्रों के संचालन की जानकारी ली। इन केंद्रों का उपयोग स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और सामुदायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है।
वहीं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत स्वीकृत कार्यों और आदिवासी बहुल गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
शिक्षा और छात्र सुविधाओं पर भी फोकस
बैठक में प्रयास और एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में प्रवेश एवं संचालन की स्थिति, विद्यार्थियों की कोचिंग के लिए संस्था चयन, पठन सामग्री और गणवेश के समय पर वितरण की समीक्षा की गई।
इसके साथ ही विद्यार्थी पोषण उपवन, पीएचडीटीजी सर्वे, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के निर्माण कार्य और अन्य विभागीय योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई।
CM हेल्पलाइन की शिकायतों का तेजी से हो निराकरण
प्रमुख सचिव ने सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त आवेदनों के त्वरित निराकरण और विलेज वेरिफिकेशन सर्वे पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि सरकारी योजनाओं का उद्देश्य केवल प्रशासनिक स्वीकृति तक सीमित नहीं रहना चाहिए। योजनाओं का वास्तविक और प्रत्यक्ष लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने और मैदानी स्तर पर आने वाली समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
