वैज्ञानिक भंडारण से फसल को नमी और कीटों से बचाने की पहल; किसानों को धान की फसल प्रबंधन की भी दी गई जानकारी
रायपुर, 09 अगस्त 2026। किसानों की फसल को सुरक्षित रखने और फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने की दिशा में आईसीएआर-राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान, रायपुर ने महत्वपूर्ण पहल की है। संस्थान द्वारा अनुसूचित जाति उपयोजना के तहत ग्राम बेल्टुकरी के अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों और किसान महिलाओं को 100 स्टोरेज बिन वितरित किए गए।
इस पहल का उद्देश्य किसानों को कृषि उपज के सुरक्षित और वैज्ञानिक भंडारण की सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि भंडारण के दौरान होने वाले नुकसान को कम किया जा सके और किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद मिले।
नमी और कीटों से सुरक्षित रहेगी कृषि उपज
संस्थान के निदेशक डॉ. पी.के. राय ने कहा कि कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ उपज का उचित भंडारण भी बेहद जरूरी है।
उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक भंडारण पद्धतियों को अपनाने से कृषि उपज को नमी, कीट प्रकोप और अन्य भंडारण संबंधी नुकसान से सुरक्षित रखा जा सकता है। इससे लंबे समय तक उपज की गुणवत्ता और मात्रा को बनाए रखने में मदद मिलती है।
डॉ. राय ने कहा कि वैज्ञानिक भंडारण से फसल उपरांत नुकसान कम होने के साथ किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ भी मिल सकता है।
किसानों को धान की फसल प्रबंधन की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान डॉ. पंकज शर्मा, संयुक्त निदेशक एवं एससीएसपी समन्वयक ने किसानों से संवाद किया और धान की फसल में रोपाई के बाद अपनाई जाने वाली प्रमुख सस्य क्रियाओं की जानकारी दी।
उन्होंने किसानों को विशेष रूप से:
- समय पर खरपतवार प्रबंधन
- संतुलित पोषक तत्वों का प्रयोग
- उचित जल प्रबंधन
- फसल की नियमित निगरानी
पर ध्यान देने की सलाह दी।
कीट प्रकोप की शुरुआती पहचान पर जोर
डॉ. शर्मा ने किसानों को धान की फसल में आने वाले संभावित प्रमुख कीटों की पहचान और उनके प्रभावी प्रबंधन के बारे में भी जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि किसान फसल की नियमित निगरानी करें और कीट प्रकोप की शुरुआती अवस्था में ही वैज्ञानिक सलाह के आधार पर उचित प्रबंधन अपनाएं। इससे फसल को बड़े नुकसान से बचाया जा सकता है।
किसानों को मिल रही वैज्ञानिक खेती की जानकारी
डॉ. शर्मा ने बताया कि एससीएसपी के माध्यम से संस्थान किसानों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए लगातार काम कर रहा है। इसके तहत किसानों को वैज्ञानिक जानकारी, कृषि उपकरण एवं यंत्र, प्रशिक्षण और आधुनिक कृषि तकनीकों से जुड़ी उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।
इसका उद्देश्य किसानों की तकनीकी क्षमता बढ़ाने, कृषि कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने और उनकी कृषि आय बढ़ाने में सहयोग देना है।
किसानों ने जताया आभार
स्टोरेज बिन प्राप्त करने वाले किसानों और किसान महिलाओं ने संस्थान के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन भंडारण सुविधाओं से कृषि उपज को सुरक्षित रखने और भंडारण के दौरान होने वाले नुकसान को कम करने में काफी मदद मिलेगी।
सामग्री वितरण कार्यक्रम का समन्वय डॉ. के.सी. शर्मा, प्रधान वैज्ञानिक द्वारा किया गया।
