रायपुर, 31 जुलाई। छत्तीसगढ़ सरकार ने उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाते हुए अमानक दुग्ध उत्पादों और भ्रामक “डेयरी एनालॉग” उत्पादों के निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। यह निर्णय स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की घोषणा के बाद लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत लागू किया गया है।
खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की धारा 30 एवं 18 के तहत जारी आदेश के अनुसार, ऐसे उत्पादों पर रोक लगाई गई है जो वास्तविक दूध उत्पाद नहीं हैं, लेकिन उनकी पैकेजिंग, लेबलिंग या प्रस्तुति से उपभोक्ताओं को असली डेयरी उत्पाद होने का भ्रम होता है। विशेष रूप से ऐसे पनीर, क्रीम और मक्खन प्रतिबंधित किए गए हैं जिनमें दूध की जगह वनस्पति वसा, वनस्पति तेल या अन्य गैर-दुग्ध सामग्री का उपयोग किया जाता है।
हालांकि, फ्रोजन डेजर्ट, प्रोसेस्ड चीज़ और मिक्स्ड फैट स्प्रेड जैसे भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा मानकीकृत उत्पाद इस प्रतिबंध के दायरे से बाहर रहेंगे।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से एक वर्ष तक अथवा FSSAI द्वारा अंतिम नियम अधिसूचित किए जाने तक, जो भी पहले हो, प्रभावी रहेगा। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों और खाद्य कारोबार संचालकों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
