रायपुर। राष्ट्रमंडल खेल-2026 में छत्तीसगढ़ की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 53 किलोग्राम भारोत्तोलन स्पर्धा में रजत पदक जीतकर प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। ग्लासगो में आयोजित इस प्रतियोगिता में ज्ञानेश्वरी ने कुल 199 किलोग्राम वजन उठाकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की। उनकी सफलता पर पूरे छत्तीसगढ़ में खुशी की लहर है।
इस उपलब्धि पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने ज्ञानेश्वरी यादव को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव की बेटी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन कर न केवल भारत का तिरंगा ऊंचा किया है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का गौरव भी बढ़ाया है।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि ज्ञानेश्वरी यादव की सफलता प्रदेश की बेटियों की प्रतिभा, मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत, निरंतर अभ्यास और मजबूत संकल्प के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है और ज्ञानेश्वरी ने इसे साबित कर दिखाया है।
उन्होंने कहा कि आज छत्तीसगढ़ की बेटियां खेल, शिक्षा, विज्ञान, प्रशासन और अन्य क्षेत्रों में लगातार अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। ज्ञानेश्वरी यादव की यह उपलब्धि महिला सशक्तिकरण की प्रेरणादायी मिसाल है, जो प्रदेश की हजारों बेटियों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का आत्मविश्वास देगी।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों, विशेषकर महिला खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। खेल प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं, प्रोत्साहन और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।
उन्होंने विश्वास जताया कि ज्ञानेश्वरी यादव आने वाले समय में भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए नई उपलब्धियां हासिल करेंगी और छत्तीसगढ़ का नाम विश्व स्तर पर और ऊंचा करेंगी।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने भी ज्ञानेश्वरी यादव की इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीतने की शुभकामनाएं दी हैं।
उल्लेखनीय है कि राजनांदगांव की रहने वाली ज्ञानेश्वरी यादव लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। राष्ट्रमंडल खेल-2026 में रजत पदक जीतकर उन्होंने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि छत्तीसगढ़ की बेटियां किसी भी मंच पर अपनी प्रतिभा का परचम लहरा सकती हैं। उनकी यह उपलब्धि प्रदेश के युवा खिलाड़ियों और विशेष रूप से बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
